सिकंदराराऊ तहसील के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में दो साल पहले भोले बाबा के सत्संग के दौरान भगदड़ मचने से 121 लोगों की मौत के मामले में न्यायालय में सुनवाई जारी है। बृहस्पतिवार को एडीजे एफटीसी प्रथम में 34वें गवाह के रूप में एसआई सत्यवीर सिंह के बयान दर्ज किए गए।
वर्तमान में आगरा जिले के थाना बरहन में तैनात एसआई सत्यवीर सिंह ने अदालत के समक्ष दिए बयान में बताया कि तीन जुलाई 2024 को वह आगरा के थाना नाई की मंडी में बतौर प्रशिक्षु उपनिरीक्षक तैनात थे। वे पंचनामा की कार्यवाही के लिए एसएन मेडिकल कॉलेज आगरा की मोर्चरी गए थे। उन्होंने अदालत को बताया कि मोर्चरी के बाहर स्ट्रेचर पर रखे मंजू पत्नी शैलेंद्र निवासी सिकंदराराऊ के शव का महिला कांस्टेबल शालू त्रिपाठी के साथ उन्होंने निरीक्षण किया था। परिजनों की मौजूदगी में पंचनामा भरा गया।
अदालत में बचाव पक्ष की जिरह के दौरान एसआई ने स्पष्ट किया कि शव की पहचान के बाद पंचनामा की पूरी कार्यवाही में लगभग एक घंटे का समय लगा था। यह उनके सेवा काल का पहला पंचनामा था, क्योंकि वे उस समय प्रशिक्षु एसआई के पद पर थे। बचाव पक्ष द्वारा पुलिस की फर्जी कारगुजारी या झूठी गवाही देने के आरोपों को उन्होंने पूरी तरह से गलत और निराधार बताया।

