सिडनी (ऑस्ट्रेलिया): ऑस्ट्रेलिया स्थित थिंक टैंक लोवी इंस्टीट्यूट द्वारा जारी एशिया पावर इंडेक्स 2025 में भारत ने एक बार फिर एशिया की ‘प्रमुख शक्ति’ (मेजर पावर) का दर्जा हासिल किया है। यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में शक्तिशाली होते नये भारत का प्रतीक है। भारत ने एशिया के टॉप 27 देशों की सूची में तीसरे स्थान हासिल किया है और उसने महत्वपूर्ण 40 अंकों का बेंचमार्क फिर हासिल कर लिया है। भारत का कुल स्कोर 100 में से 40.0 अंक रहा, जो पिछले संस्करण की तुलना में 0.9 अंक यानी 2% की वृद्धि है।
अमेरिका को मिला पहला मुकाम एशिया पावर इंडेक्स 2025 की सूची में अमेरिका पहले और चीन दूसरे स्थान पर है। इसके बाद भारत ने तीसरा स्थान हासिल किया है। भारत के बाद जापान इस सूची में चौथे और रूस 5वें पायदान पर है। पाकिस्तान को टॉप-10 में भी जगह नहीं मिली है। जबकि थाईलैंड जैसे देश ने भी 10वां स्थान हासिल किया है। इससे पाकिस्तान की खस्ताहाली का अंदाजा लगाया जा सकता है।
भारत को क्यों मिला ये मुकाम लोवी इंस्टीट्यूट की रिपोर्ट के अनुसार भारत की इस प्रगति के पीछे मजबूत आर्थिक वृद्धि, बढ़ते अंतरराष्ट्रीय साझेदारी और सांस्कृतिक प्रभाव का वैश्विक विस्तार प्रमुख कारण हैं। आठ प्रमुख मानदंडों पर आधारित इस इंडेक्स में भारत आर्थिक क्षमता और भविष्य के संसाधनों में भी तीसरे स्थान पर है, जो एशिया की सबसे गतिशील अर्थव्यवस्थाओं में से एक होने की पुष्टि करता है। खास बात यह है कि आर्थिक क्षमता में भारत ने जापान को पीछे छोड़ते हुए तीसरा स्थान हासिल किया है। इसमें घरेलू निवेश में वृद्धि और विविध व्यापारिक संबंधों ने बड़ी भूमिका निभाई है।
लगातार मजबूत हो रहा भारत का इंडेक्स भारत का इंडेक्स पिछले कुछ वर्षों से लगातार मजबूत हो रहा है। इंडेक्स के शुरू होने के बाद पहली बार भारत ने आर्थिक संबंधों में भी सुधार किया और नौवें स्थान पर पहुंच गया, जो क्षेत्रीय बाजारों में भारत के बढ़ते एकीकरण को दर्शाता है। वहीं सांस्कृतिक प्रभाव में सबसे बड़ी वार्षिक वृद्धि (+2.8 अंक) दर्ज की गई है, जो भारतीय सिनेमा, प्रौद्योगिकी और डिजिटल कूटनीति के बढ़ते वैश्विक प्रभाव को रेखांकित करती है। इसके अलावा सैन्य क्षमता में +2.8, कूटनीतिक प्रभाव में +0.5 और आर्थिक क्षमता में +1.0 अंक की बढ़ोतरी हुई है, जो शक्ति के सभी आयामों में भारत के व्यापक उभार को दिखाती है।
भारत दृढ़ता से सकारात्मक रिपोर्ट कहती है कि भारत का कुल प्रक्षेप पथ अभी भी दृढ़ता से सकारात्मक है। हालांकि ‘पावर गैप’ (संभावित और वास्तविक प्रभाव के बीच का अंतर) अभी भी भविष्य में सुधार की गुंजाइश दिखाता है। कुल मिलाकर, एशिया पावर इंडेक्स 2025 हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत को एक आत्मविश्वासी रणनीतिक एवं आर्थिक महाशक्ति के रूप में चित्रित करता है। लोवी इंस्टीट्यूट के अनुसार, सांस्कृतिक, सैन्य और आर्थिक मोर्चों पर भारत की निरंतर प्रगति न केवल पुनरुत्थान बल्कि एशियाई व्यवस्था में केंद्रीय शक्ति बनने की नई गति को दर्शाती है।
एशिया पावर इंडेक्स 2025 में शामिल दुनिया के टॉप-5 देशों की सूची
1.संयुक्त राज्य अमेरिका
81.5 (अनुमानित)
समग्र शक्ति में अग्रणी, लेकिन क्षेत्रीय प्रभाव में गिरावट।
2.चीन
72.0 (अनुमानित)
आर्थिक और सैन्य वृद्धि से अमेरिका के साथ अंतर कम।
3.भारत
40.0
आर्थिक क्षमता में जापान को पीछे छोड़ा; सैन्य (+2.8) और सांस्कृतिक (+2.8) प्रभाव में तेजी।
4.जापान
38.0 (अनुमानित)
आर्थिक मजबूती, लेकिन सैन्य और कूटनीतिक चुनौतियां।
5. रूस
35.0 (अनुमानित)
सैन्य शक्ति मजबूत, लेकिन आर्थिक प्रतिबंधों से प्रभावित।

