एक ईरानी अधिकारी ने एक न्यूज एजेंसी को बताया है कि देश में चल रहे मौजूदा आंदोलन के दौरान अबतक लगभग 2,000 लोग मारे गए, और इन मौतों के लिए “आतंकवादी” जिम्मेदार हैं। इधर, ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने अमेरिका को खुली चुनौती दी है और कहा है कि तेहरान अमेरिका के किसी भी कदम का जवाब के लिए तैयार है, जिसमें मिलिट्री कदम भी शामिल हैं। अराघची ने कहा कि ईरान अब किसी भी जंग के लिए तैयार है।अगर वे फिर से मिलिट्री ऑप्शन आजमाना चाहते हैं, जिसे वे पहले ही आजमा चुके हैं, तो हम अब उसका जवाब देंगे और जरूर देंगे।”
ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी
ईरान ने अमेरिका को चेतावनी जारी करते हुए कहा कि वह अपने शत्रुओं से भलीभांति परिचित है और मजबूत है। भारत स्थित ईरानी दूतावास ने कहा कि देश में सरकार समर्थक प्रदर्शनों ने विदेशी शत्रुओं की योजनाओं को विफल कर दिया है। एक्स X पर एक पोस्ट में दूतावास ने कहा, “महान ईरान राष्ट्र ने अपने शत्रुओं के सामने अपनी पहचान, अपना संकल्प और अपनी असलियत प्रकट कर दी है। यह अमेरिकी राजनेताओं के लिए एक चेतावनी है कि वे अपने छल-कपट बंद करें और विश्वासघाती भाड़े के हत्यारों पर भरोसा न करें। ईरानी राष्ट्र मजबूत और शक्तिशाली है, अपने शत्रुओं से भलीभांति परिचित है और उन्हें पहचानता है, और हमेशा मैदान में मौजूद रहता है। ईश्वर आप सभी पर अपनी कृपा बनाए रखें।”
ईरान में भीषण रूप से चुका है आंदोलन
बता दें कि ईरान में पिछले साल यानी दिसंबर 2025 के अंत से शुरू हुए देशव्यापी प्रदर्शन अब भीषण रूप ले चुका है। ईरान में हो रहे ये विरोध प्रदर्शन सरकार की नीतियों के खिलाफ शुरू हुए थे जो अब इस्लामिक गणराज्य और सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई के खिलाफ खुले विद्रोह में बदल चुके हैं। ईरान में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतरकर “तानाशाह मुर्दाबाद”, “खामेनेई हटाओ” और निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी की वापसी के नारे लगा रहे हैं।

