कैशकांड में जस्टिस यशवंत वर्मा को SC से बड़ी राहत, FIR दर्ज करने की याचिका खारिज

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नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को एक जनहित याचिका (PIL) को खारिज कर दिया, जिसमें दिल्ली पुलिस से दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के आधिकारिक आवास से जली हुई नोटों की गड्डियां मिलने के मामले में एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई थी।

कोर्ट ने इस याचिका को “अत्यधिक जल्दबाजी” करार देते हुए खारिज करते हुए कहा कि इस मामले में एक इन-हाउस जांच चल रही है और जांच के परिणामों के आधार पर कई विकल्प खुले हैं।

‘जांच पूरी होने का इंतजार करें’

जस्टिस अभय एस ओका और उज्जल भुयान की बेंच ने याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के पास जांच के बाद FIR दर्ज करने का निर्देश देने का अधिकार है।

बेंच ने स्पष्ट किया कि जब तक इन-हाउस जांच पूरी नहीं हो जाती, तब तक इस मामले में आगे बढ़ने की कोई आवश्यकता नहीं है। बेंच ने कहा, “अगर जरूरत पड़ी तो FIR दर्ज करने का CJI निर्देश दे सकते हैं। हम आज इस पर क्यों विचार करें?”

नकद की जलने की घटना के बाद जांच शुरू

बता दें, यह घटना 14 मार्च की रात लगभग 11:35 बजे दिल्ली के लुटियंस क्षेत्र में स्थित जज वर्मा के आवास पर लगी आग के बाद सामने आई। आग लगने के बाद फायर ब्रिगेड ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का काम शुरू किया था।

इस दौरान जली हुई नोटों की गड्डियां मिलने का दावा किया गया था, जिसके बाद काफी ज्यादा विवाद हुआ। अब सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया के लिए उचित कदम उठाने का निर्देश दिया है।

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