क्रोमियम युक्त मलबे की दिन में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम ने जांच की। वीडियोग्राफी, फोटोग्राफी करने के साथ ही ग्रामीणों से बात कर साक्ष्य जुटाए। वहीं, फेंकने वाले भी रात में डंपर और जेसीबी लेकर मलबा लेने पहुंच गए। वह मलबा भरने लगे तो ग्रामीणों ने दाैड़ा लिया।
पुरवामीर गांव के आसपास खुले में फैक्टरी का निकला क्रोमियम युक्त मलबा फेंका जा रहा है। सोमवार के अंक में मामला प्रकाशित होने के बाद टीम ने जाकर जांच की। राजस्व विभाग के अधिकारियों ने भी माना कि मलबे से तेज दुर्गंध और आंखों में जलन हो रही है। डंपिंग स्थल के पास कुछ देर खड़ा होना भी मुश्किल हो रहा था।
तेज बदबू और जलन के कारण टीम भी जल्द ही वहां से हट गई। टीम के सामने ग्रामीणों ने आरोप लगाए कि रात में डंपरों से क्रोमियम युक्त औद्योगिक मलबा लाकर खेतों और खुले स्थानों पर डाला जा रहा है।
इससे आसपास के खेतों और भूजल के प्रदूषित होने का खतरा बढ़ गया है। जहरीले मलबे के कारण बच्चों और बुजुर्गों को सांस लेने में परेशानी हो रही है। कई लोगों में त्वचा संबंधी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। कचरा फतेहपुर की एक फैक्टरी का होने का आरोप लगाया है।
लेखपाल के साथ जांच-पड़ताल करने के बाद कानूनगो अजीत सिंह ने बताया कि जांच के आधार पर रिपोर्ट तैयार कर उच्च अधिकारियों से कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी। उधर, उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी अजीत सुमन ने बताया कि इस मामले की जांच की जा रही है। सोमवार को बारिश की वजह उनके विभाग की टीम मौके पर नहीं जा पाई। एक-दो दिन में टीम मौके पर जाएगी।
इस संबंध में उन्होंने यूपीपीसीबी प्रयागराज मंडल के क्षेत्रीय अधिकारी को भी पत्र लिखा है। वहीं, सोमवार रात में मलबा फेंकने वाले जेसीबी और डंपर लेकर पहुंच गए। वह डंपर में मलबा भरने लगे। ग्रामीणों के टोकने पर डंपर चालक ने सत्तारूढ़ पार्टी के एक कद्दावर नेता का नाम बताकर दबाव बनाने की कोशिश की। ग्रामीणों के विरोध करने और पुलिस को सूचना देने पर दोनों चालक जेसीबी और भरा डंपर लेकर भाग गए।
पुरवामीर चौकी इंचार्ज पुष्पराज सिंह ने बताया कि पुरवामीर में सोमवार रात में क्रोमियम युक्त कचरा जेसीबी से डंप में भरकर ले जाने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचने से पहले ही डंपर और जेसीबी लेकर चालक भाग चुके थे। लगातार गश्त की जा रही है। ऐसी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है।

