अब ऑफिस में बैठे-बैठे आप पालतू जानवर को मोबाइल की मदद से खाना दे सकेंगे। उसकी नियमित स्वास्थ्य मॉनिटरिंग भी होगी और रिपोर्ट मोबाइल पर आएगी। पलक झपकते ही ड्रोन दुश्मन पर हमला कर सकेगा। कुछ ऐसे ही अनोखे स्टार्टअप्स का प्रदर्शन प्रणवीर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में आयोजित दो दिवसीय स्टार्टअप कॉन्क्लेव एलेवेट 2के26 में किया गया। इसमें 120 स्टार्टअप्स ने प्रतिभा का प्रदर्शन किया। मंगलवार को इसका शुभारंभ राज्यमंत्री इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी अजीत सिंह पाल, वाइस प्रेसिडेंट तान्या सिंह और ग्रुप डायरेक्टर डॉ. मन मोहन शुक्ला ने किया।
कार्यक्रम में राज्यमंत्री अजीत सिंह पाल ने कहा कि साइबर सुरक्षा पर काम कर रहे स्टार्टअप्स की मदद ली जाएगी। यह जरूरी नहीं है कि केवल आईआईटी से ही मदद ली जाए, अन्य संस्थानों से भी जिनमें साइबर सिक्योरिटी पर बेहतर कार्य हो रहा है, उनसे प्रदेश को मजबूती दी जाएगी। कॉन्क्लेव में देशभर से 200 से अधिक स्टार्टअप्स ने आवेदन किया था। ये स्टार्टअप्स आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), एडटेक, आईओटी, स्मार्ट वेयरेबल, एग्रीटेक, होम ऑटोमेशन, फूडटेक, स्पेस टेक और अन्य उभरते क्षेत्रों में कार्य कर रहे हैं। यहां एआईसीटीई की ओर से स्वीकृत आइडिया लैब का उद्घाटन भी किया गया, जो छात्रों और स्टार्टअप्स को अपने आइडियाज पर काम करने, प्रोटोटाइप बनाने और नई तकनीकों को प्रयोग में लाने के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराएगी।
वाइस प्रेसिडेंट तान्या सिंह व ग्रुप डायरेक्टर डॉ. मन मोहन शुक्ला ने कहा कि ऐसे कॉन्क्लेव स्टार्टअप्स को निवेशकों, विशेषज्ञों और इंडस्ट्री के अनुभवी लोगों से सीधे संवाद का अवसर देते हैं। पिचिंग राउंड में निवेशकों के समक्ष एक ही दिन में 60 से अधिक स्टार्टअप्स ने अपने आइडियाज प्रस्तुत किए। मौके पर डायरेक्टर डॉ. राघवेंद्र सिंह और एडिशनल डायरेक्टर डॉ. रघुराज सिंह सूर्यवंशी भी उपस्थित रहे।
पालतू जानवरों के लिए स्मार्ट हेल्थ मॉनिटरिंग
देश में पेट पेरेंट बनने का कल्चर तेजी से बढ़ रहा है, लेकिन नौकरीपेशा लोगों के लिए पालतू जानवरों को भोजन देना और उनकी मॉनिटर करना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में पॉसीफाइड स्टार्टअप पेट पेरेंट के लिए मददगार साबित होगा। बिहार से आए शुभानित और आयुषि ने आईओटी आधारित कॉलर बैंड पेश किया, जो जानवर की इंटरनल हेल्थ की पूरी जानकारी मोबाइल पर भेजेगा। यह नजदीक के वेटनरी डॉक्टर की उपलब्धता की जानकारी भी देगा। वहीं स्मार्ट फीडर की मदद से पालतू जानवर को कहीं से भी खाना दिया जा सकेगा और उसकी पानी पीने की आदत भी मॉनिटर की जा सकेगी।
ड्रोन को गिरने नहीं देगा यूटोरिया, पलक झपकते ही दुश्मन पर करेगा हमला
आईआईटी कानपुर का स्टार्टअप यूटोरिया एक ऐसा पैराशूट है जो ड्रोन की खराबी का पता लगाकर उसे गिरने से बचाएगा। यूटोरिया के सेल्स एक्जीक्यूटिव विकास सिंह ने बताया कि यह पैराशूट ड्रोन में ही फिक्स किया जाता है और इसका कमर्शियल उपयोग भी शुरू हो चुका है। वहीं, एरोमॉडलिंग क्लब स्टार्टअप ने अपना अनोखा ड्रोन प्रदर्शित किया, जो 120 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से 250 ग्राम तक का ग्रेनेड लेकर दुश्मन पर हमला कर सकता है। कंपनी के फाउंडर आदित्य कुमार कुशवाहा ने बताया कि वे डिफेंस सेक्टर के लिए ट्रेनिंग उद्देश्य से ड्रोन, यूएवी और एयरक्राफ्ट मॉडल उपलब्ध कराते हैं। इनका उपयोग सेना में ड्रोन को लक्ष्य बनाकर गिराने, हथियार पहुंचाने जैसी ट्रेनिंग गतिविधियों में हो सकता है।
सामान्य घर को स्मार्ट बनाएगी निर्वाना ग्रिड
आईआईटी मंडी से इंक्यूबेटेड कंपनी निर्वाना ग्रिड प्राइवेट लिमिटेड सामान्य घर को स्मार्ट बनाएगी। स्टार्टअप के फाउंडर अभय गुप्ता ने बताया कि कंपनी की डिवाइस किसी भी सामान्य इलेक्ट्रिक उपकरण या घर को स्मार्ट बनाने में सक्षम हैं। यदि किसी उपकरण में खराबी आती है तो यह उसे पहचान कर मोबाइल फोन पर तुरंत अलर्ट भेज देता है। इसका उपयोग बिजली उपकरणों की निगरानी, सुरक्षा बढ़ाने में किया जा सकता है।

