शिवकुमार के CM बनते ही कर्नाटक कांग्रेस में कलह, रामलिंगा रेड्डी ने दिया इस्तीफा, कहा- ‘आत्मसम्मान को धक्का लगा’

5 Min Read
शिवकुमार के CM बनते ही कर्नाटक कांग्रेस में कलह, रामलिंगा रेड्डी ने दिया इस्तीफा, कहा- ‘आत्मसम्मान को धक्का लगा’

डीके शिवकुमार कैबिनेट के गठन के कुछ ही दिनों बाद, अंदरूनी कलह के संकेत मिलने लगे हैं। कैबिनेट में मिले पोर्टफोलियो से नाराज कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कर्नाटक के मंत्री रामलिंगा रेड्डी ने कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है। सूत्रों के मुताबिक वे बेंगलुरु डेवलपमेंट पोर्टफोलियो चाहते थे, लेकिन उन्हें सिंचाई विभाग दिया गया है और बेंगलुरु डेवलेपमेंट कृष्णा बयरे गौडा को दिया गया। इस बात से रामलिंगा रेड्डी नारा हो गए और इस्तीफा दे दिया। खबरों के मुताबिक, आठ बार विधायक रह चुके रेड्डी ने बेंगलुरु डेवलपमेंट के अलावा कोई और मंत्रालय स्वीकार करने से इनकार कर दिया है।

इस्तीफा देने के बाद रामलिंगा रेड्डी ने कहा, “कांग्रेस पार्टी में ही रहूंगा और विधायक के रूप में सेवा करूंगा। किसी सहयोगी के हाथों में इस्तीफा सीएम के प्रिंसिपल सेक्रेटरी को भिजवा रहा हूं। मैं किसी से भी नाराज नहीं हूं। सिद्धरामैया जब सीएम बने तब मुझे बेंगलुरु डेवलपमेंट देने का वादा किया गया, लेकिन नहीं दिया गया। तब भी मैंने कहा कि मुझे मंत्री पद नहीं चहिए, लेकिन उस वक्त डीके शिवकुमार ने मेरे घर पर आकर कहा कि जब उन्हें सीएम बनने का अवसर मिलेगा तो यह विभाग मुझे दिया जाएगा, लेकिन अब जल संसाधन मंत्रालय दे दिया गया। मेरे आत्मसम्मान को धक्का लगा है, इसीलिए मैं इस्तीफा दे रहा हूं।”

इस्तीफे में क्या लिखा?

रामलिंगा रेड्डी ने अपने इस्तीफे में लिखा, “माननीय, मुझे आपकी कैबिनेट में मंत्री पद देने के लिए मैं आपको और कांग्रेस पार्टी को धन्यवाद देता हूं। मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे रहा हूं, क्योंकि मैं अपनी अंतरात्मा के खिलाफ काम नहीं कर सकता। मैं रिक्वेस्ट करता हूं कि मेरा इस्तीफा मंजूर किया जाए। मैं विधायक और कांग्रेस पार्टी का कार्यकर्ता बना रहूंगा। शुभकामनाएं।”

शिवकुमार ने क्या कहा?

सीएम डीके शिवकुमार ने कहा, “चिंता की कोई बात नहीं है। वह बहुत अच्छे दोस्त हैं। हम कैबिनेट में सबसे करीबी दोस्त हैं। हम समस्या सुलझा लेंगे।” उन्होंने कन्नड़ में कहा, “रामलिंगा रेड्डी मेरे साथी और हमारे सीनियर लीडर हैं। उन्होंने कहा कि वह गांव जाकर काम नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि मुझे उन्हें कोई और मिनिस्टर का पद देना चाहिए। मैं रामलिंगा रेड्डी से बात करूंगा और सब ठीक कर दूंगा।”

केएच मुनियप्पा ने भी विभाग में बदलाव की मांग की

सीनियर लीडर के एच मुनियप्पा ने भी अपने विभाग में बदलाव की मांग की है। फिलहाल उन्हें खाद्य और नागरिक आपूर्ति विभाग दिया है, जो उनके पास सिद्धारमैया के सीएम रहते हुए भी था, उन्होंने उम्मीद जताई की उनकी मांग को सुना जाएगा। उन्होंने कहा, “मैंने अपना विभाग बदलने की मांग रखी है। राहुल और सोनिया गांधी से बात करूंगा। परसों जब राहुल आए थे, तब भी मैंने रिकवेस्ट की थी। सीनियर्स को प्रोटोकॉल के हिसाब से विभाग मिलना चाहिए। मुझे समाज कल्याण, कृषि या फिर सिंचाई विभाग मिलेगा तो मैं जनसेवा कर सकता हूं। मौजूदा विभाग में तीन साल मैंने जिम्मेदारी निभाई है, मैं विभाग बदलने की मांग कर रहा हूं। मुझे उम्मीद है कि मेरी बात को जरुर सुना जाएगा।”

विपक्ष ने साधा निशाना

कर्नाटक विधानसभा में विपक्ष के नेता अशोक ने कहा, ”कांग्रेस नेता बसवन्ना और आंबेडकर के नाम पर मंत्री पद की शपथ लेते हैं। लेकिन जब विभागों के बंटवारे की बात आती है तो वे कहते हैं कि मुझे यह विभाग चाहिए, मुझे वह विभाग चाहिए। प्रभावशाली मंत्रालय पाने के लिए लॉबिंग और दबाव बनाते हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि किसी भी मंत्री ने स्वेच्छा से समाज कल्याण और अनुसूचित जनजाति कल्याण जैसे विभाग नहीं मांगे, जबकि उनके अनुसार ये विभाग बसवन्ना और आंबेडकर के आदर्शों को साकार करने के लिए सबसे महत्वपूर्ण हैं। भाजपा नेता ने मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार के नेतृत्व वाले 13 सदस्यीय मंत्रिमंडल में किसी भी महिला को जगह न दिए जाने की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में महिलाओं का ”बिल्कुल भी प्रतिनिधित्व नहीं” है।

Share This Article
Leave a Comment

Please Login to Comment.

Exit mobile version