थापर नगर की गली नंबर-7 में एक मुस्लिम परिवार ने मकान खरीदकर दूध का कारोबार शुरू कर दिया। इसकी जानकारी मिलने पर शुक्रवार शाम पंजाबी समाज के लोगों ने विरोध कर दिया। समाज के 100 से अधिक परिवारों ने अपने घरों पर ‘घर बिकाऊ है’ और ‘पलायन करने को मजबूर’ के बोर्ड लगा दिए।
विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और मुस्लिम परिवार से मकान खाली कराने की जिद पर अड़ गए। नारेबाजी शुरू होने पर पुलिस पहुंची। पुलिस ने मकान खाली कराया और शनिवार को दोनों पक्ष को सदर थाने में बुलाया।
जलीकोठी निवासी शाहिद कुरैशी ने अनुभव कालरा व रीना कालरा से करीब एक करोड़ रुपये में यह मकान खरीदा था। पांच दिन पहले रजिस्ट्री कराकर शाहिद कुरैशी परिवार के साथ यहां रहने आए और दूध का कारोबार शुरू किया। स्थानीय लोगों का आरोप है कि दूध लेने आने वाले ग्राहकों की गाड़ियों व बाइक से गली में जाम लगने लगा है। आने-जाने वाले लोगों को परेशानी होने लगी।
स्थानीय लोगों की सूचना पर शुक्रवार शाम सात बजे विश्व हिंदू परिषद के महानगर मंत्री पवन कश्यप, बजरंग दल के महानगर संयोजक बंटी, शहर संयोजक हिमांशु शर्मा, समरसता प्रमुख विशाल धानक, अखिल भारतीय हिंदू सुरक्षा संघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही सहित अन्य लोग मौके पर पहुंचे।
स्थानीय निवासी अमरजीत सिंह, हरमीत सिंह, राजेश जुनेजा, सचिन डालडा, अमित, हरजीत, पवन, ऋषभ आदि के साथ मिलकर उन्होंने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान मकान बेचने वाले के खिलाफ भी कुछ लोगों ने गुस्सा जाहिर किया।
इसके साथ ही नारेबाजी कर रहे लोगों ने मकान बिकाऊ के पोस्टर हाथ में लेकर पलायन करने की चेतावनी दी। उन्होंने थापर नगर चौकी प्रभारी को ज्ञापन दिया। बजरंग दल के नेता हिमांशु शर्मा ने कहा कि एक परिवार के लिए 500 परिवारों को दिक्कत नहीं होनी चाहिए।
इसी दौरान स्कूटी पर सवार एक वर्ग के दंपति वहां से गुजर रहे थे। लोगों ने उनको भी रोक लिया। हंगामा होने पर सदर बाजार थाने की पुलिस भी पहुंच गई। पुलिस ने काफी समझाया, लेकिन पंजाबी समाज के लोग नहीं माने।
उन्होंने चेतावनी दी कि शाहिद कुरैशी से मकान खाली कराओ, अन्यथा पंजाबी समाज पूरा थापरनगर खाली कर देगा। तनाव बढ़ता देख पुलिस ने शाहिद और उसके परिवार को जलीकोठी भेजकर यहां मकान में ताला लगा दिया।
आज सदर थाने में दोनों पक्षों को बुलाया
थापर नगर में मामला तूल पकड़ने पर मेरठ मंडल व्यापार के जिलाध्यक्ष जीतू नागपाल, अधिवक्ता नमन अग्रवाल भी पहुंचे। सदर पुलिस से वार्ता कर चेतावनी दी कि किसी सूरत में हिंदू आबादी के बीच दूसरे वर्ग के लोगों को नहीं रहने देंगे। पुलिस ने दोनों पक्षों की बातें सुनीं। इसके बाद शनिवार को दोनों पक्षों को सदर बाजार थाने में बुलाया गया है। यहां विवाद निपटाने के लिए पंचायत की जाएगी। यह पूरा मामला सोशल मीडिया पर भी छाया रहा। कुछ लोगों ने भ्रमित सूचनाएं भी प्रसारित कीं, बाद में पुलिस ने स्थिति स्पष्ट कर ऐसा न करने की चेतावनी भी दी।
मेरा कसूर क्या है : शाहिद
शहीद का कहना कि अनुभव कालरा लंबे समय से मकान बेचना चाहते थे लेकिन कोई हिंदू खरीदार नहीं मिल रहा था। जनप्रतिनिधियों के दबाव के चलते वह लंबे समय तक मकान नहीं बेच पाए। अब उन्होंने यह मकान खरीदा और नियम अनुसार रजिस्ट्री भी कराई। अचानक यह विवाद खड़ा कर दिया गया। थाना प्रभारी विजय कुमार राय ने घर पर ताला लगवाकर हमें वापस पुराने घर भेज दिया है। इस मामले में आखिर मेरा कसूर क्या है।

