पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा में गुरुद्वारे के अंदर एक बुजुर्ग दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना पर बीजेपी नेता चरुण चुघ और अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हत्क्षेप करने की मांग की है। जत्थेदार गड़गज ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मोहम्मद सोहेल खान अफरीदी से मामले का कड़ा संज्ञान लेने, दोषियों को तत्काल गिरफ्तार करने और कठोर सजा दिलाने का आग्रह किया।
खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में बुधवार को एक गुरुद्वारे के भीतर अज्ञात हमलावरों ने सिख सेवादार दंपति की गोली मारकर हत्या कर दी थी। यह घटना पेशावर से करीब 60 किलोमीटर उत्तर-पश्चिम में मरदान के बाबू मोहल्ला इलाके में हुई। मरदान के जिला पुलिस अधिकारी मसूद अहमद के अनुसार, अज्ञात हमलावरों ने गुरुद्वारे के भीतर गोलीबारी की जिसमें जगन्नाथ और उनकी पत्नी आसमा वंती की मौत हो गई।
ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज ने पाकिस्तान सरकार की आलोचना की
अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज और भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने अल्पसंख्यकों और उनके मानवाधिकारों की रक्षा करने में नाकाम रहने को लेकर पाकिस्तान सरकार की आलोचना की। जत्थेदार गड़गज ने हत्या की निंदा करते हुए कहा कि पाकिस्तान में सिख पहले से ही अल्पसंख्यक हैं और यदि उन्हें इस तरह निशाना बनाकर मारा जाता है तो यह अल्पसंख्यक समुदायों के उत्पीड़न का गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदायों के जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करना पाकिस्तान सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि इस घटना ने एक बार फिर यह गंभीर सवाल खड़ा कर दिया है कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक क्या वास्तव में सुरक्षित हैं।
अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हस्तक्षेप की मांग
गड़गज ने कहा कि पाकिस्तान सरकार को गुरुद्वारा साहिब में हुई इस दोहरी हत्या के पीछे के मकसद का पारदर्शी तरीके से खुलासा करना चाहिए। उन्होंने कहा कि जिस गुरुद्वारा साहिब में ‘सरबत दा भला’ के लिए प्रतिदिन अरदास की जाती है, उसमें निर्दोष सिखों की हत्या करना जघन्य अपराध और मानवता के खिलाफ कृत्य है। जत्थेदार ने दिवंगत आत्माओं की शांति के लिए ‘अकाल पुरख’ से प्रार्थना भी की। चुघ ने हत्या की निंदा करते हुए कहा कि यह घटना अल्पसंख्यकों के प्रति पाकिस्तान के संवेदनहीन रवैये को दर्शाती है। उन्होंने सवाल किया कि क्या अल्पसंख्यकों को निशाना बनाने के लिए यह सरकार प्रायोजित आतंकवाद है। चुघ ने अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं से हस्तक्षेप करने और पाकिस्तान सरकार को जवाबदेह ठहराने की मांग की।
दोषियों पर सख्त कार्रवाई के आदेश
चुघ ने इसे ‘बर्बर और बेहद विचलित करने वाली’ घटना बताया। उन्होंने कहा कि इस हमले ने पाकिस्तान में रह रहे सिखों और अन्य अल्पसंख्यकों में भय पैदा कर दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ बार-बार होने वाली हिंसक घटनाएं सुरक्षा और न्याय प्रदान करने में पाकिस्तान सरकार की नाकामी को उजागर करती हैं। चुघ ने शरीफ और खैबर पख्तूनख्वा सरकार से दोषियों को तत्काल गिरफ्तार कर न्याय के कटघरे में लाने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि कार्रवाई में किसी भी तरह की देरी से अल्पसंख्यकों के अधिकारों की रक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता पर गंभीर सवाल उठेंगे।

