सहारनपुर: यूपी में शामली के गांव जसाला में कश्यप समाज के युवक मोनू की मौत के मामले ने अब राजनीतिक रूप ले लिया है। इस मामले में कैराना से समाजवादी पार्टी की सांसद इकरा हसन के खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है। आरोप है कि सांसद और उनके समर्थकों ने DIG कार्यालय के बाहर सड़क जाम कर यातायात व्यवस्था प्रभावित की थी।
इकरा हसन समेत FIR में नामजद हैं ये आरोपी
पुलिस की तरफ से दर्ज FIR के अनुसार, इस मामले में 7 लोगों को नामजद किया गया है, जबकि 20 से 25 अज्ञात व्यक्तियों को भी आरोपी बनाया गया है। नामजद आरोपियों में सांसद इकरा हसन के अलावा पूर्व राज्यमंत्री मांगेराम कश्यप, तेजपाल सिंह, अजय, अनुज, शीशपाल और सत्यपाल के नाम शामिल हैं। यह मुकदमा सब-इंस्पेक्टर संजय कुमार शर्मा की तहरीर पर दर्ज किया गया है।
DIG दफ्तर के बाहर रोड जाम करने के मामले में एक्शन
इस मामले में इकरा हसन समेत 7 के खिलाफ BNS की धारा 191 (2), 221, 132 और 126 (2) के तहत केस दर्ज किया गया है। FIR के मुताबिक, 19 मई को दोपहर करीब सवा 2 बजे चौकी प्रभारी सिविल लाइन को सूचना मिली कि डीआईजी कार्यालय के बाहर कुछ लोग रोड जाम कर रहे है।
20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ रोड जाम करने का आरोप
इस खबर पर पुलिस मौके पर पहुंची तो इकरा हसन अपने समर्थकों मांगेराम, तेजपाल सिह, अजय, अनुज, शीशपाल, सत्यपाल सिंह व अन्य 20-25 अज्ञात लोगों के साथ डीआईजी के कार्यालय के सामने रोड जाम करते हुए हंगामा कर रहे थे। जिनको पुलिस टीम ने समझाने का प्रयास किया लेकिन वह नहीं माने।
मौके पर मौजूद ट्रैफिक पुलिस की तरफ से रोड का जाम खुलवाने की कोशिश की गई लेकिन जाम लगाए हुए लोगों की तरफ से हंगामा कर ट्रैफिक खुलवाने में बाधा डाली गई, जिससे सरकारी कार्य रुकावट पैदा की और रोड पर जाम लग गया।

