मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव का बुधवार को संदिग्ध परिस्थितियों में लख़नऊ में निधन हो गया। प्रतीक यादव भाई अखिलेश यादव पूर्व मुख्यमंत्री की राजनीतिक विरासत में किसी प्रकार से रुकावट नहीं बनना चाहते थे । मुलायम सिंह यादव की मौत के बाद पत्नी अपर्णा यादव के भाजपा से मैनपुरी से चुनाव लड़ने की चर्चा चली। सूत्रों की मानें तो प्रतीक ने साफ इनकार कर दिया था।
सपा संस्थापक पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के परिवार का मैनपुरी से गहरा नाता रहा है। मुलायम सिंह यादव की जन्मभूमि भले ही इटावा जनपद के सैफई में हो लेकिन मुलायम सिंह यादव ने हमेशा मैनपुरी को अपनी कर्मभूमि माना । वह यहां से सांसद चुने गए वर्ष 2022 में जब मुलायम सिंह यादव का 10 अक्टूबर को निधन हुआ उस समय भी मैनपुरी के सांसद थे। मुलायम सिंह यादव के निधन के बाद जब मैनपुरी में उपचुनाव हुआ तो प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव उस समय भाजपा में थी।
कहीं ना कहीं उनके मन में इच्छा थी कि वह अपने ससुर की विरासत मैनपुरी लोकसभा से चुनाव लड़े। इस संबंध में चर्चाएं भी चलती रहीं। लेकिन मुलायम सिंह यादव के छोटे पुत्र प्रतीक यादव नहीं चाहते थे, कि वह अपने भाई अखिलेश यादव की राजनीति में किसी प्रकार से रुकावट बनें। इसलिए उन्होंने अपर्णा से मैनपुरी से चुनाव लड़ने से मना कर दिया था।
हालांकि यह बात कभी साफ तौर पर सामने नहीं आई। अपर्णा ने भी मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए मैनपुरी से चुनाव लड़ने की मना कर दिया था। जब उनसे करहल विधानसभा से तेज प्रताप के सामने चुनाव लड़ने की बात कही गई तो उन्होंने कहा कि वह हमारे भतीजे हैं। इसके बाद में अखिलेश यादव की पत्नी डिंपल यादव ससुर मुलायम सिंह यादव की सीट से उपचुनाव लड़ीं और जीती भी। उपचुनाव के दौरान प्रतीक और अपर्णा के डिंपल के खिलाफ चुनाव प्रचार की चर्चाएं भी होती रही, लेकिन प्रतीक यादव ने भाई अखिलेश यादव और भाभी डिंपल यादव के सामने चुनाव प्रचार करने से मना कर दिया।
बुधवार की सुबह जैसे ही सोशल मीडिया के माध्यम से जिले के लोगों को प्रतीक यादव की मौत का समाचार मिला तो सपा परिवार सहित जिले के लोग जिनका मुलायम परिवार से पुराना नाता है दुख में डूब गए। हर व्यक्ति का यही कहना था कि आखिर मात्र 38 वर्ष की उम्र में प्रतीक यादव का निधन कैसे हो गया सपा खेमे में पूरी तरह से निराशा है। सैफई परिवार के सभी लोग लखनऊ के लिए निकल गए।

