Punjab MC election results 2026: पंजाब में मंगलवार को नगर निकाय चुनाव के लिए मतदान शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ था और अब शुक्रवार को इसके नतीजे आएंगे। भीषण गर्मी के बावजूद राज्य में कुल 63.94 फीसदी मतदान दर्ज किया गया था। बता दें कि इन चुनावों के नतीजे अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव से पहले सभी प्रमुख राजनीतिक दलों के लिए काफी अहम माने जा रहे हैं। खास तौर पर सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी के लिए यह चुनाव एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा के रूप में देखा जा रहा है, क्योंकि पार्टी राज्य में अपनी सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में जुटी है।
22.38 लाख लोगों ने डाले वोट
अधिकारियों के अनुसार, राज्य में कुल 35 लाख मतदाता थे, जिनमें से 22.38 लाख लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। इस तरह देखा जाए तो बड़ी संख्या में लोगों ने अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया और इन चुनावों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया है।
8 नगर निगमों के लिए हुआ मतदान
बता दें कि यह चुनाव 8 नगर निगमों के 1897 वार्डों में कराया गया। इसके अलावा 75 नगर परिषदों और 19 नगर पंचायतों में भी मतदान हुआ। अगर अलग-अलग निकायों की बात करें तो नगर निगमों में 59.91 फीसदी मतदान दर्ज किया गया। वहीं नगर परिषदों में 65.06 फीसदी और नगर पंचायतों में सबसे ज्यादा 76.18 फीसदी मतदान हुआ। जिन 8 नगर निगमों के लिए वोटिंग हुई उनके नाम हैं:
मोहाली बठिंडा अबोहर बरनाला कपूरथला मोगा बटाला पठानकोट सबसे ज्यादा कैंडिडेट AAP ने उतारे
पंजाब नगर निकाय चुनावों में कुल 7,555 उम्मीदवार अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सबसे ज्यादा उम्मीदवार आम आदमी पार्टी ने उतारे हैं। पार्टी के कुल 1,801 प्रत्याशी चुनाव लड़ रहे हैं। इसके बाद कांग्रेस के 1,550 उम्मीदवार मैदान में हैं। भारतीय जनता पार्टी यानी कि BJP ने 1,316 उम्मीदवार उतारे हैं, जबकि शिरोमणि अकाली दल यानी कि SAD के 1,251 उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। बहुजन समाज पार्टी यानी कि BSP के 96 प्रत्याशी भी मैदान में हैं। इसके अलावा 1,528 निर्दलीय उम्मीदवार भी चुनावी मुकाबले में शामिल हैं।
सुरक्षा के किए गए थे कड़े इंतजाम
बता दें कि भीषण गर्मी और लू के चलते बड़ी संख्या में मतदाता सुबह ही मतदान केंद्रों पर पहुंच गए थे। खास तौर पर बुजुर्गों और महिलाओं की लंबी कतारें सुबह के समय देखने को मिलीं, ताकि दिन में तेज धूप और गर्मी से बचा जा सके। चुनाव को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए थे। कुल 740 मतदान केंद्रों को संवेदनशील और 275 बूथों को अति संवेदनशील घोषित किया गया था। मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए करीब 35,000 चुनाव कर्मियों और 32,000 पुलिसकर्मियों की ड्यूटी लगाई गई थी।
कुछ जगहों पर बूथ कैप्चरिंग के आरोप
हालांकि मतदान के दौरान कुछ स्थानों से कांग्रेस, आम आदमी पार्टी, भाजपा और शिरोमणि अकाली दल के समर्थकों के बीच झड़पों की खबरें भी सामने आईं। कुछ इलाकों में बूथ कैप्चरिंग के आरोप भी लगाए गए। पुलिस और प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए तुरंत कार्रवाई की। अब देखना यह है कि 29 मई यानी कि शुक्रवार को नतीजे किसके पक्ष में आते हैं और सूबे की राजनीति किस दिशा में आगे बढ़ती है।

