अलीगढ़ की ताला नगरी के औद्योगिक इतिहास में अब तक की सबसे बड़ी और लंबी आयकर कार्रवाई ने जिले के व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। प्रतिष्ठित हिक्स थर्मामीटर लिमिटेड के ठिकानों पर दिल्ली से आई आयकर विभाग की टीम की जांच 9 जनवरी चौथे दिन भी जारी रही। टीम ने अब अपना शिकंजा कारोबारी परिवार के साथ-साथ उनके वित्तीय सहायकों और हिसाब-किताब रखने वाले कर्मचारियों पर भी कस दिया है। नौकरों तक के मोबाइल जब्त कर लिए गए हैं।
6 जनवरी से शुरू हुई यह कार्रवाई सबसे लंबी मानी जा रही है। आयकर टीम ने सुरक्षा और गोपनीयता का स्तर इतना ऊंचा रखा है कि घर के सभी सदस्यों सहित वहां कार्यरत नौकरों तक के मोबाइल फोन टीम ने अपने कब्जे में ले लिए हैं, ताकि कोई बाहरी संपर्क न हो सके। कंपनी का हिसाब-किताब देखने वाले लोगों के दस्तावेजों की भी गहन पड़ताल की जा रही है।
आयकर विभाग की टीम आईटीआई रोड स्थित इंडस्ट्रियल एरिया (भूखंड सी-26) स्थित फैक्टरी और सेंटर प्वाइंट स्थित इसके मालिक हरि प्रकाश गुप्ता व सिद्धार्थ गुप्ता के आवास पर डेरा डाले हुए है। जांच का दायरा केवल अलीगढ़ तक सीमित नहीं है। दिल्ली के भागीरथ पैलेस स्थित फर्म के ठिकानों से लेकर एशिया भर में फैले कंपनी के व्यापारिक नेटवर्क को आयकर विभाग ने अपने रडार पर लिया है। फैक्टरी के खातों, स्टॉक रजिस्टर, सेल-परचेज इनवॉइस और अन्य वित्तीय दस्तावेजों का मिलान किया जा रहा है।
बड़ी कर चोरी की आशंका
वित्तीय मामलों के विशेषज्ञों का मानना है कि आयकर की कार्रवाई का चार दिनों तक खिंचना इस बात का संकेत है कि मामला बेहद गंभीर है। करोड़ों रुपये की आयकर और जीएसटी (जीएसटी) चोरी के संदेह में शुरू हुई इस जांच में बेनामी संपत्तियों और अघोषित निवेश के बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है। जानकार कहते हैं कि जब जांच इतने लंबे समय तक चलती है और डिजिटल डिवाइस जब्त किए जाते हैं, तो इसका सीधा मतलब होता है कि विभाग को बड़े स्तर पर वित्तीय विसंगतियों के प्रारंभिक प्रमाण मिले हैं। विश्लेषण के बाद ही कर चोरी का वास्तविक आंकड़ा सामने आएगा। फिलहाल, टीम घर और फैक्टरी के भीतर दस्तावेजों के विश्लेषण में जुटी है और किसी भी बाहरी व्यक्ति का प्रवेश वर्जित है। इस कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य बड़े निर्यातकों और कारोबारियों में भी असहजता की स्थिति है।

