राम मंदिर ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे, आज CM योगी से पहली मुलाकात

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राम मंदिर ट्रस्ट के CEO जितेंद्र मिश्रा अयोध्या पहुंचे, आज CM योगी से पहली मुलाकात

अयोध्या: श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पहले मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) नियुक्त किए गए रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा मंगलवार सुबह अयोध्या पहुंच गए। वह ट्रेन से अयोध्या पहुंचे हैं। आज मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अयोध्या दौरे पर हैं और रामलला के दर्शन करेंगे। मंदिर पहुंचने पर जितेंद्र मिश्रा मुख्यमंत्री की अगवानी करेंगे। CEO की जिम्मेदारी संभालने के बाद मुख्यमंत्री के साथ यह उनकी पहली मुलाकात होगी।

दोनों के बीच राम मंदिर की व्यवस्थाओं, ट्रस्ट के कामकाज और आने वाले समय की कार्ययोजना को लेकर चर्चा होने की संभावना है। जितेंद्र मिश्रा इससे पहले तीन दिन अयोध्या में रहकर ट्रस्ट के कामकाज, वित्तीय व्यवस्था, कर्मचारियों और मंदिर प्रबंधन की कार्यप्रणाली का अध्ययन कर चुके हैं।

2 सितंबर को CEO के नाम का हुआ था ऐलान

श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 2 सितंबर को रिटायर्ड एयर मार्शल जितेंद्र मिश्रा को अपना पहला CEO नियुक्त किया था। करीब चार दशक तक भारतीय वायुसेना में सेवा देने वाले मिश्रा अप्रैल 2026 में रिटायर हुए थे। ट्रस्ट के CEO के तौर पर उन्हें मंदिर की प्रशासनिक और परिचालन व्यवस्था को संभालने की जिम्मेदारी दी गई है।

जितेंद्र मिश्रा भारतीय वायुसेना के पश्चिमी वायु कमान के प्रमुख रह चुके हैं। ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भी उन्होंने पश्चिमी क्षेत्र में भारतीय वायु अभियानों का नेतृत्व किया था। उन्हें सर्वोत्तम युद्ध सेवा मेडल (SYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और विशिष्ट सेवा मेडल (VSM) से सम्मानित किया जा चुका है।

राम मंदिर ट्रस्ट में क्यों किया गया प्रशासनिक बदलाव?

जितेंद्र मिश्रा की नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब राम मंदिर ट्रस्ट अपनी प्रशासनिक व्यवस्था में बदलाव कर रहा है। मंदिर में चढ़ावे की कथित चोरी और अनियमितताओं से जुड़े मामले की जांच के बीच ट्रस्ट में कई अहम बदलाव हुए हैं। इस मामले में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है और जांच जारी है।

इसी पृष्ठभूमि में ट्रस्ट ने प्रशासनिक कामकाज को अधिक व्यवस्थित करने और CEO के जरिए रोजमर्रा के संचालन में पेशेवर प्रबंधन लाने की दिशा में कदम उठाया है। ट्रस्ट ने दान की गिनती की प्रक्रिया में तकनीक का इस्तेमाल बढ़ाने और मानवीय हस्तक्षेप कम करने की योजना पर भी काम शुरू किया है।

हालांकि, यह ध्यान रखना जरूरी है कि चढ़ावे से जुड़े मामले की जांच अभी जारी है। इसलिए किसी व्यक्ति की भूमिका या जिम्मेदारी को जांच के अंतिम निष्कर्ष से पहले तय तथ्य के रूप में पेश करना उचित नहीं होगा।

तीन नए ट्रस्टी भी बनाए गए

CEO की नियुक्ति के साथ ट्रस्ट ने तीन नए ट्रस्टियों की नियुक्ति भी की थी। इनमें अयोध्या के वरिष्ठ अधिवक्ता मदन मोहन पांडेय, दिल्ली के महेश भागचंदका और निर्मला यादव शामिल हैं। ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में हुए इस बदलाव को व्यापक पुनर्गठन के तौर पर देखा जा रहा है।

43 साल की सेवा के बाद राम मंदिर की जिम्मेदारी

CEO नियुक्त होने के बाद जितेंद्र मिश्रा ने इस जिम्मेदारी को अपने लिए सौभाग्य बताया था। उन्होंने कहा था कि भारतीय वायुसेना में लंबे समय तक देश की सेवा करने के बाद अब उन्हें श्रीराम मंदिर और राम भक्तों की सेवा का अवसर मिलना भगवान राम का आशीर्वाद है।

वायुसेना में अपने लंबे कार्यकाल के दौरान मिश्रा ने फाइटर पायलट, कमांड और रणनीतिक भूमिकाओं में काम किया। अब उनके सामने सैन्य संचालन से अलग एक विशाल धार्मिक संस्थान के प्रशासन और प्रबंधन को व्यवस्थित करने की जिम्मेदारी है।

आज योगी आदित्यनाथ से होगी मुलाकात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को अयोध्या पहुंचकर रामलला के दर्शन-पूजन करेंगे। मंदिर में जितेंद्र मिश्रा उनकी अगवानी करेंगे। CEO बनने के बाद दोनों की यह पहली मुलाकात इसलिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि राम मंदिर ट्रस्ट के प्रशासनिक ढांचे में हाल के दिनों में बड़े बदलाव हुए हैं।

आने वाले समय में CEO की भूमिका, अधिकारों और ट्रस्ट की विभिन्न समितियों के साथ उनके समन्वय को लेकर भी व्यवस्था स्पष्ट होने की उम्मीद है। ट्रस्ट के नए प्रशासनिक ढांचे का उद्देश्य मंदिर के बढ़ते संचालन, वित्तीय प्रबंधन और श्रद्धालुओं से जुड़ी व्यवस्थाओं को अधिक व्यवस्थित करना है।

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