नई दिल्ली: ममता बनर्जी की पार्टी TMC के बागी सांसदों का आज (रविवार को) दिल्ली में शक्ति प्रदर्शन होने वाला है। इस बैठक से जुड़ी बड़ी खबर ये है कि पहले TMC के बागी सांसद केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और BJP नेता भूपेंद्र यादव के घर पर पहुंचेंगे। एक-दूसरे से मुलाकात करेंगे। फिर बंग भवन में उनकी डिनर पर बैठक होगी। इस बैठक में TMC के 20 बागी सांसद शामिल हो सकते हैं।
सुदीप बंदोपाध्याय भी अब बागी गुट में शामिल
बता दें कि इस बैठक के लिए पहले से ही टीएमसी के कई बागी सांसद दिल्ली में मौजूद हैं। सायोनी घोष और माला रॉय आज कोलकाता से दिल्ली पहुंच रहे हैं। इसके पहले ममता के बेहद करीबी माने जाने वाले सुदीप बंदोपाध्याय भी बागी कैंप में शामिल हो गए हैं। सुदीप बंदोपाध्याय ने बीते शनिवार को दिल्ली में शताब्दी रॉय के साथ भूपेंद्र यादव से मुलाकात की थी, फिर वह केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से भी मिले थे।
बागी गुट के सांसदों की संख्या बढ़कर हुई 20
गौरतलब है कि सुदीप बंदोपाध्याय के बागी गुट में शामिल होने के बाद बागी सांसदों की संख्या बढ़कर 20 हो गई है। बागी सांसदों को TMC के लोकसभा में कुल 28 सांसदों में दो-तिहाई बहुमत का आंकड़ा पार करने के लिए 19 सांसदों की ही जरूरत है लेकिन सुदीप बंदोपाध्याय के साथ ये आंकड़ा और आगे बढ़ गया है।
ममता बनर्जी की पार्टी में क्या बदलाव?
बागी गुट में सुदीप बंदोपाध्याय और सायोनी घोष के शामिल होने के बाद ममता बनर्जी ने TMC में कई बड़े बदलाव किए हैं। सुदीप बंदोपाध्याय की जगह नॉर्थ कोलकाता संगठनात्मक जिले का अध्यक्ष अब कुणाल घोष को बनाया गया है। वहीं, सायोनी घोष की जगह अब अर्नब बनर्जी को टीएमसी यूथ प्रेसिडेंट नियुक्त कर दिया गया है। इसके अलावा, माला रॉय की जगह TMC महिला विंग की अध्यक्ष की जिम्मेदारी अब अलीफा अहमद को सौंपी गई है।
CID के सवालों के चक्रव्यूह में घिरे अभिषेक बनर्जी
गौरलतब है कि पश्चिम बंगाल चुनाव में मिली हार के बाद TMC की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। हार के बाद जहां TMC में बगावत बढ़ती जा रही है, TMC के बागी सांसद जहां आज दिल्ली में बैठक करने वाले हैं, वहीं ममता के भतीजे अभिषेक बनर्जी CID के सवालों के चक्रव्यूह में घिरे हैं। फर्जी सिग्नेचर मामले में अभिषेक बनर्जी से आज फिर पूछताछ हो रही है। इसके लिए अभिषेक बनर्जी कोलकाता में CID हेडक्वार्टर पहुंच चुके हैं।
अभिषेक बनर्जी पर विधायकों के फर्जी साइन का है आरोप
इसके पहले CID ने बीते 11 जून को अभिषेक बनर्जी से करीब 6 घंटे तक पूछताछ की थी। अभिषेक पर शोभनदेव चट्टोपध्याय को नेता प्रतिपक्ष बनाने के लिए विधायकों के फर्जी साइन कराने का आरोप है। अभिषेक बार-बार समन के बावजूद CID के सामने पेश नहीं हो रहे थे लेकिन कलकत्ता हाईकोर्ट के आदेश के बाद उन्हें सवाल-जवाब का सामना करना पड़ रहा है।

