Recall: इस दिग्गज कंपनी ने रिकॉल की लाखों गाड़ियां, डिस्प्ले की खामी बन सकती है खतरे की वजह, जानें पूरा मामला

3 Min Read
Recall: इस दिग्गज कंपनी ने रिकॉल की लाखों गाड़ियां, डिस्प्ले की खामी बन सकती है खतरे की वजह, जानें पूरा मामला

Instrument Panel Display Issue: लग्जरी कार निर्माता कंपनी मर्सिडीज-बेंज ने अमेरिका में अपने 1,44,049 वाहनों का रिकॉल करने का फैसला लिया है। NHTSA यानी नेशनल हाईवे ट्रैफिक सेफ्टी एडमिनिस्ट्रेशन के अनुसार, इन गाड़ियों के इंस्ट्रूमेंट पैनल डिस्प्ले में तकनीकी खराबी पाई गई है, जिससे गाड़ी चलते समय स्क्रीन अचानक ब्लैंक यानी काली हो सकती है। कंपनी इस समस्या को दूर करने के लिए प्रभावित वाहनों को वापस बुलाई है, साथ ही कहा है कि इन सॉफ्टवेयर अपडेट का काम मुफ्त में किया जाएगा।

कौन-कौन से मॉडल हैं शामिल?

इस रिकॉल में कई प्रीमियम मॉडल शामिल हैं, जैसे एएमजी जीटी, सी-क्लास, ई-क्लास, एसएल, सीएलई और जीएलसी गाड़ियां हैं। आपको बता दें ये सभी 2024 से 2026 मॉडल ईयर की कारें हैं।

क्या समस्या सामने आई?

देखा गया कि इन मॉडल्स में कार का इंफोटेनमेंट सिस्टम नेविगेशन, मल्टीमीडिया और कई जरूरी डिस्प्ले कंट्रोल करता है। इसके बाद इसे सही करने का फैसला लिया गया। कंपनी का कहना है कि अगर यह यूनिट रीसेट होती है, तो स्पीड, वार्निंग और अन्य जरूरी ड्राइविंग जानकारी स्क्रीन से गायब हो सकती है। इससे एक्सीडेंट का खतरा बढ़ सकता है। 

कंपनी कैसे करेगी समाधान?

 मर्सिडीज-बेंज ने साफ कहा है कि डीलरशिप पर प्रभावित वाहनों का सॉफ्टवेयर मुफ्त में अपडेट किया जाएगा। इससे इंफोटेनमेंट कंट्रोल यूनिट की समस्या ठीक हो सकती है।

क्यों जरूरी है यह रिकॉल?

आज की आधुनिक कारें पूरी तरह डिजिटल सिस्टम पर निर्भर हो चुकी हैं। ऐसे में डिस्प्ले या सॉफ्टवेयर में छोटी खराबी भी लोगों की सुरक्षा के लिहाज से बड़ा जोखिम बन सकती है। यही वजह है कि कंपनियां अब सॉफ्टवेयर आधारित रिकॉल तेजी से कर रही हैं।

क्या स्क्रीन का ब्लैंक होना सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा है?

एक्सर्ट्स कहते हैं कि आज की आधुनिक कारों में इंस्ट्रूमेंट पैनल सिर्फ मनोरंजन के लिए नहीं, बल्कि स्पीड, वार्निंग लाइट्स और नेविगेशन जैसे जरूरी डेटा के लिए भी जरूरी है। अगर कोई रफ्तार में गाड़ी चला रहा है, तो हो सकता है उसे इस स्थिति का अंदाजा नहीं लग पाए, जो दुर्घटना का कारण बन सकता है। मर्सिडीज का यह कदम दिखाता है कि ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में अब मैकेनिकल खराबी से ज्यादा सॉफ्टवेयर ग्लिच सुरक्षा के लिए बड़ी चुनौती बन रहे हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Please Login to Comment.

Exit mobile version