बरेली जिले में पंचायत की मतदाता सूची में 88,196 वोटर डुप्लीकेट मिले हैं, जो कुल संभावित डुप्लीकेट मतदाताओं का 22.34 प्रतिशत है। यह वह वोटर थे, जिनके नाम मतदाता सूची में दो या इससे अधिक बूथों पर थे। इस तरह पंचायत निर्वाचक नामावली में मौजूद डुप्लीकेट वोटरों के सत्यापन का कार्य समय से पहले ही पूरा हो गया है। इसी के साथ बरेली को प्रदेश में पहला स्थान मिला है।
डुप्लीकेट वोटरों के सत्यापन के संबंध में सोमवार को शासन ने जिलों की रैंक जारी की है। इसमें बरेली पहले और एटा जिले को दूसरा स्थान मिला है। जिला निर्वाचन अधिकारी अविनाश सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग से जिले में 3.94 लाख डुप्लीकेट मतदाताओं की सूची प्राप्त हुई थी, जिसमें शामिल सभी डुप्लीकेट मतदाताओं का बीएलओ को घर-घर भेजकर सत्यापन कराया गया है।
सूची से हटाए गए डुप्लीकेट मतदाता
सत्यापन में 77.66 प्रतिशत पात्र मतदाता मिले हैं। जबकि 88,196 मतदाता डुप्लीकेट मिले हैं, जो 22.34 प्रतिशत है। यह वह मतदाता हैं, जिनके नाम दो से चार या पांच-छह अन्य बूथों की भी वोटर लिस्ट में थे। इनको मतदाता सूची से हटाया गया है। इन डुप्लीकेट मतदाताओं में कुछ ऐसे भी मिले हैं, जो वर्तमान में उस बूथ क्षेत्र में निवास नहीं कर रहे हैं, कहीं अन्य स्थान के लिए शिफ्ट कर चुके हैं। जिला निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि डुप्लीकेट मतदाताओं के सत्यापन में 3,06,690 वोटर पात्र पाए गए हैं।
उप जिला निर्वाचन अधिकारी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि निर्वाचन आयोग ने जिले की मतदाता सूची में संभावित डुप्लीकेट वोटरों की सूची 20 अगस्त को जिला निर्वाचन अधिकारी को दी थी। इसके बाद से संभावित डुप्लीकेट वोटरों के सत्यापन का कार्य चल रहा था।

