आगरा में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (एसआईआर) का कार्य तेजी से किया जा रहा है। मैपिंग से छूटे मतदाताओं को दस्तावेज जुटाना मुश्किल हो रहा है। सुनवाई केंद्रों पर भी भीड़ लगी है। डीएम ने भी तीन केंद्रों का निरीक्षण कर मैपिंग प्रकिया को तेजी से करने के निर्देश दिए हैं।
जनपद की नौ विधानसभा में 7.69 लाख नोटिस के लिए चिह्नित किए हैं। इसमें से 3.25 लाख को नोटिस जारी किए हैं। इन लोगों को मताधिकार सिद्ध करने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र समेत 13 तरह के विकल्पों में से कोई एक दस्तावेज जरूरी है। इन दस्तावेजों के साथ मतदाता सुनवाई केंद्रों पर जाकर मैपिंग करा सकते हैं। ऐसे में सुनवाई केंद्रों पर लोगों की भीड़ लगी हुई है। इसमें कई दस्तावेज लेकर भी पहुंच रहे हैं।
डीएम ने तहसील सदर, आगरा दक्षिण, आगरा कैंट और जीआईसी स्थित सुनवाई केंद्रों का निरीक्षण किया। इसमें टीम को बोर्ड लगाने के निर्देश देते हुए मैपिंग प्रक्रिया को तेजी से पूरा करने के लिए कहा। डीएम अरविंद मल्लप्पा बंगारी ने बताया कि एसआईआर का कार्य तेजी से किया जा रहा है। जगह-जगह पर बूथ लगाए गए हैं नोटिस देने के बाद सभी की सुनवाई की जा रही है। जरूरी दस्तावेज के साथ मतदाताओं को उपस्थित होना है। इसमें आधार कार्ड, वोटर आईडी, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस समेत किसी वैद्य पहचान पत्र के साथ सुनवाई केंद्रों पर पहुंच कर मैपिंग करा सकते हैं।
राजनीतिक प्रतिनिधियों को दी जानकारी
कलेक्ट्रेट में डीएम ने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ बैठक कर उनको एसआईआर के बारे में अवगत कराया। डीएम ने नोटिस कार्रवाई के लिए सुझाव मांगे। इसमें दावे, आपत्तियां की प्रतिलिपि भी उपलब्ध कराई जा रही है। जिन मतदाताओं की मैपिंग नहीं हुई है, उसमें स्वयं या फिर अधिकृत परिजन ही सुनवाई में शामिल हो सकता है। दावे और आपत्तियों प्राप्त करने के लिए 31 जनवरी तय की है। बैठक में महेश शर्मा, शब्बीर अब्बास, संदीप मुखरैया, राजीव सविता, संजय आदि मौजूद रहे।
मैपिंग के लिए यह दस्तावेज जरूरी
उप जिला निर्वाचन अधिकारी यमुनाधर चौहान ने बताया कि नोटिस के जवाब में मतदाता को 13 अभिलेखों में से कोई एक दस्तावेज उपलब्ध कराना अनिवार्य है।
– किसी भी केंद्र व राज्य सरकार, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम में नियमित कर्मचारी, पेंशनभोगी को जारी कोई भी पहचान पत्र या पेंशन भुगतान आदेश।
– एक जुलाई 1987 से पहले सरकार, स्थानीय प्राधिकरण, बैंकों, डाकघर, एलआईसी, सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों से जारी कोई भी पहचानपत्र, प्रमाणपत्र या दस्तावेज।
– सक्षम प्राधिकारी से जारी जन्म प्रमाणपत्र।
– भारतीय पासपोर्ट
– मान्यता प्राप्त बोर्ड, विश्वविद्यालयों की जारी मैट्रिकुलेशन या शैक्षणिक प्रमाणपत्र
– सक्षम राज्य प्राधिकारी से जारी स्थायी निवास प्रमाणपत्र
– वन अधिकार प्रमाणपत्र
– सक्षम प्राधिकारी से जारी ओबीसी, एससी, एसटी या कोई भी जाति प्रमाणपत्र
– राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर की नकल
– राज्य, स्थानीय प्राधिकारियों से तैयार किया गया परिवार रजिस्टर
– सरकार से जारी कोई भी भूमि, मकान आवंटन प्रमाणपत्र।
– आधार कार्ड के संबंध में आयोग के पत्र दिनांक 9 सितंबर 2025 से जारी निर्देश लागू होंगे।

