मुंबई: महाराष्ट्र मंत्रिमंडल की इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधा समिति की बैठक में कुछ महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई और जरूरी फैसले लिए गए। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में उपमुख्यमंत्री अजित पवार, राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले मौजूद थे लेकिन उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ना ही मंत्रिमंडल की बैठक में पहुंचे और ना ही मंत्रिमंडल की बैठक के बाद हुई इंफ्रास्ट्रक्चर समिति की बैठक में पहुंचे।
बैठक की एक तस्वीर भी सामने आई है जिसमें सीएम फडणवीस के दाई ओर रखी कुर्सी खाली नजर आ रही है। यह कुर्सी डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे के लिए रखी हुई थी। खास बात यह है कि पिछली मंत्रिमंडल बैठक में भी शिंदे मौजूद नहीं थे।
बैठक में क्या-क्या फैसले लिए गए?
समृद्धी महामार्ग के विस्तारित नागपुर- गोंदिया, भंडारा- गडचिरोली महामार्ग के कार्यों को गति प्रदान की जाए। परियोजनाओं के कार्य निर्धारित समय सीमा में पूर्ण किए जाएं, परियोजनाएं लंबित न रहें। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक मेट्रो लाइन 8 के भूमि अधिग्रहण सहित विभिन्न मंजूरियों के कार्य अगले 2 महीनों में पूरे किए जाएं। उसके बाद परियोजना को अगले 3 वर्षों में पूरा किया जाए। परियोजना शुरू होने से पहले ही सभी अनुमतियां प्राप्त कर ली जाएं। परियोजना को मंजूरी- छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे तक मेट्रो लाइन 8 को जोड़ने की मंजूरी दी गई। मेट्रो मार्ग की कुल लंबाई 35 किलोमीटर, भूमिगत मार्ग 9.25 किलोमीटर, एलिवेटेड मार्ग 24.636 किमी, कुल 20 स्टेशन, 6 स्टेशन भूमिगत, 14 स्टेशन एलिवेटेड। छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा टर्मिनल 2 स्टेशन से घाटकोपर पूर्व तक भूमिगत स्टेशन, घाटकोपर पश्चिम स्टेशन से नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा टर्मिनल 2 स्टेशन तक एलिवेटेड स्टेशन। दो स्टेशनों के बीच औसत दूरी 1.9 किलोमीटर, 30.7 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहण की आवश्यकता, भूमि अधिग्रहण के लिए 388 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च। परियोजना पूर्ण होने के लिए कुल 22,862 करोड़ रुपये का अनुमानित खर्च। नाशिक शहर परिक्रमा मार्ग कुंभ मेला की पृष्ठभूमि में नाशिक शहर परिक्रमा मार्ग को गति प्रदान की जाए। मार्ग की कुल लंबाई 66.15 किलोमीटर, इस परियोजना के लिए कुल 3,954 करोड़ रुपये के खर्च को मंजूरी दी गई।
गडचिरोली जिले में खनिज परिवहन के लिए नवेगांव मोरे-कोनसरी-मूळचेरा-हेदरी-सुरजागड महामार्ग की संशोधित 85.76 किलोमीटर लंबाई को मंजूरी, चार लेन सीमेंट कंक्रीट का महामार्ग।

