Trump और मौत के बीच रह गया था बस कुछ सेकेंड का फासला, क्या खामेनेई की हत्या का बदला लेने पहुंचा था हमलावर?

5 Min Read
Trump और मौत के बीच रह गया था बस कुछ सेकेंड का फासला, क्या खामेनेई की हत्या का बदला लेने पहुंचा था हमलावर?

वाशिंगटनः ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे भीषण संघर्ष और तनावों के बीच ह्वाइट हाउस में शनिवार की रात ऐसी घटना घटी, जिसके बारे में जानकर पूरी दुनिया हिल गई है। ह्वाइट हाउस में एक डिनर पार्टी के दौरान ट्ंप के सुरक्षाकर्मियों की आंखों के सामने से एक अज्ञात हमलावर गोली की स्पीड से अंदर घुस गया। ट्रंप की जान लेने पर उतारू हमलावर फिल्मी स्टाइल में रास्ते में आने वाले सभी सुरक्षाकर्मियों पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाते हुए डिनर पार्टी के अंदर घुसता जा रहा था। यह देखकर पूरे ह्वाइट हाउस में हड़कंप मच गया। इस पार्टी में डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे और कुछ अधिकारियों के साथ टेबल पर बैठकर वार्तालाप कर रहे थे। हमलावर ट्रंप के बेहद करीब पहुंच चुका था। ट्रंप और मौत के बीच महज कुछ सेकेंड का ही फासला रह गया था कि अचानक अमेरिकी सीक्रेट सर्विस ने हमलावर को काबू में ले लिया।

सुरक्षाकर्मियों ने ट्रंप को टेबल के नीचे छुपाया

जब यह हमला हुआ तो उस दौरान व्हाइट हाउस कॉरेस्पॉन्डेंट्स एसोसिएशन की वार्षिक डिनर पार्टी चल रही थी। ह्वाइट हाउस ने बताया कि अज्ञात खतरे की सूचना मिलते ही ट्रंप को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और उन्हें कोई चोट नहीं पहुंची। अमेरिका के एक कानून प्रवर्तन अधिकारी ने बताया कि एक हमलावर ने ताबड़तोड़ गोलीबारी की। अधिकारियों ने कहा कि यह घटना उस बॉलरूम के बाहर हुई, जहां ट्रंप और अन्य मेहमान बैठे हुए थे। घटना के बाद सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए। एफबीआई ने कहा कि हमलावर हिरासत में है और उसका वाशिंगटन फील्ड ऑफिस गोलीबारी की घटना पर प्रतिक्रिया दे रहा है। 

क्या ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अली खामेनेई की मौत का बदला लेने आया था हमलावर?

यह घटना ऐसे वक्त में हुई है, जब ईरान और अमेरिका के बीच 40 दिनों के भीषण युद्ध के बाद तनावपूर्ण सीजफायर चल रहा है। दूसरे दौर की शांति वार्ता भी पूरी नहीं हो सकी है। इजरायल और अमेरिका ने 28 फरवरी को जब ईरान के सुप्रीम लीडर सैय्यद अली खामेनेई की भीषण बम हमले में हत्या कर दी थी तो उसके बाद से ही ईरानी सेना ने इजरायल समेत पूरे मिडिल-ईस्ट में अमेरिकी सैन्य और ऊर्जा ठिकानों पर मिसाइलें और ड्रोन बरसाना शुरू कर दिया है। ईरान ने 40 दिनों के युद्ध में अमेरिका और इजरायल को भारी नुकसान पहुंचाया। ईरान हमेशा कहता रहा कि वह अपने सुप्रीम लीडर की मौत का बदला लेगा। इस घटना के बाद अब सवाल उठ रहे हैं कि क्या हमलावर का ईरान से कोई कनेक्शन था, अगर हां तो क्या वह खामेनेई की मौत का बदला लेने ह्वाइट हाउस पहुंचा था, क्या ट्रंप हमलावर के निशाने पर थे?…इन सवालों का जवाब ढूंढ़ने के लिए सुरक्षा एजेंसियों ने जांच शुरू कर दी है। 

हमले के बाद घबराए ट्रंप, कहा-राष्ट्रपति होना खतरनाक पेशा
ट्रंप ने व्हाइट हाउस में दिए बयान में कहा कि यह घटना पूरी तरह अप्रत्याशित थी, लेकिन सीक्रेट सर्विस और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने बहुत तेजी और बहादुरी से कार्रवाई की। उन्होंने गोली लगने वाले एक अधिकारी की तारीफ की, जिन्हें बुलेटप्रूफ वेस्ट ने बचा लिया और वे अब ठीक हैं। ट्रंप ने कहा कि राष्ट्रपति होना एक खतरनाक पेशा है और ऐसे प्रयास नौकरी का हिस्सा हैं। उन्होंने हमलावर की मंशा को लेकर कहा कि दुनिया हिंसक जगह है, लेकिन यह उन्हें प्रभावशाली काम करने से नहीं रोकेगा। उन्होंने डिनर को पुनर्निर्धारित करने का ऐलान किया और जोर दिया कि अगला कार्यक्रम और भी सुरक्षित होगा। ट्रंप ने फर्स्ट लेडी मेलानिया की तारीफ की कि उन्होंने तुरंत समझ लिया था कि गोली चल रही है। उन्होंने सीक्रेट सर्विस को धन्यवाद दिया और कहा कि हमलावर बॉलरूम तक पहुंचने से बहुत दूर था। समग्र रूप से, ट्रंप ने शांत और दृढ़ स्वर में सुरक्षा एजेंसियों की प्रशंसा की तथा कार्यक्रम जारी रखने का संकल्प व्यक्त किया।

Share This Article
Leave a Comment

Please Login to Comment.

Exit mobile version