मां बनने के बाद महिला के शरीर में कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं। इस दौरान नवजात शिशु को पर्याप्त पोषण देने के लिए ब्रेस्टफीडिंग जितनी जरूरी है, उतना ही जरूरी मां का संतुलित और पौष्टिक आहार भी है। सही डाइट न केवल ब्रेस्ट मिल्क के उत्पादन को सपोर्ट करती है, बल्कि डिलीवरी के बाद शरीर की रिकवरी को भी तेज करने में मदद करती है।
चंडीगढ़ स्थित कोकून हॉस्पिटल की सीनियर कंसल्टेंट (ऑब्स्टेट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी) डॉ. प्रियंका शर्मा के अनुसार, नई मां की डाइट में प्रोटीन, आयरन, कैल्शियम, हेल्दी फैट और पर्याप्त पानी शामिल होना चाहिए। इससे शरीर को ऊर्जा मिलती है और ब्रेस्ट मिल्क के उत्पादन को भी बेहतर समर्थन मिलता है।
1. ओट्स
ओट्स को ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं के लिए सबसे फायदेमंद खाद्य पदार्थों में माना जाता है। इसमें आयरन, फाइबर और कॉम्प्लेक्स कार्बोहाइड्रेट भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, पर्याप्त आयरन शरीर में कमजोरी और एनीमिया के खतरे को कम करने में मदद करता है। वहीं ओट्स में मौजूद पोषक तत्व प्रोलैक्टिन हार्मोन के सामान्य कार्य में भी सहयोग कर सकते हैं, जो ब्रेस्ट मिल्क बनने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
2. हरी पत्तेदार सब्जियां
पालक, मेथी, सरसों और केल जैसी हरी पत्तेदार सब्जियां कैल्शियम, आयरन, फोलेट और एंटीऑक्सीडेंट्स से भरपूर होती हैं।
इनका नियमित सेवन शरीर में पोषक तत्वों की कमी पूरी करने, हार्मोनल संतुलन बनाए रखने और डिलीवरी के बाद रिकवरी में मददगार माना जाता है।
3. मेवे और बीज
बादाम, अखरोट, चिया सीड्स और अलसी (फ्लैक्स सीड्स) हेल्दी फैट, प्रोटीन, विटामिन-ई और ओमेगा-3 फैटी एसिड के अच्छे स्रोत हैं।
ये मां की सेहत को मजबूत बनाने के साथ-साथ ब्रेस्ट मिल्क की पोषण गुणवत्ता बेहतर बनाने में भी मदद कर सकते हैं। ओमेगा-3 फैटी एसिड शिशु के मस्तिष्क और तंत्रिका तंत्र के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जाता है।
4. लहसुन और अदरक
लहसुन और अदरक में प्राकृतिक एंटी-इन्फ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण पाए जाते हैं। ये डिलीवरी के बाद शरीर की रिकवरी, पाचन और रोग प्रतिरोधक क्षमता को बेहतर बनाने में सहायक हो सकते हैं।
पारंपरिक तौर पर इन्हें ब्रेस्ट मिल्क बढ़ाने वाले प्राकृतिक खाद्य पदार्थों में भी शामिल किया जाता है, हालांकि इस विषय पर वैज्ञानिक प्रमाण अभी सीमित हैं।
5. दालें और फलियां
मूंग, मसूर, उड़द, चना और राजमा जैसी दालें प्रोटीन, आयरन और फाइबर का बेहतरीन स्रोत हैं।
डिलीवरी के बाद शरीर के ऊतकों की मरम्मत, नई कोशिकाओं के निर्माण और ऊर्जा बनाए रखने के लिए पर्याप्त प्रोटीन जरूरी होता है। इसलिए इन्हें रोजाना के भोजन का हिस्सा बनाना फायदेमंद माना जाता है।
6. साबुत तिल
साबुत तिल कैल्शियम का अच्छा स्रोत है। ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली महिलाओं को सामान्य से अधिक कैल्शियम की आवश्यकता होती है क्योंकि बच्चे की हड्डियों और दांतों के विकास के लिए यह महत्वपूर्ण पोषक तत्व है।
संतुलित मात्रा में तिल का सेवन इस आवश्यकता को पूरा करने में मदद कर सकता है।
ब्रेस्टफीडिंग कराने वाली मां इन बातों का भी रखें ध्यान
- दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
- हर भोजन में प्रोटीन शामिल करें।
- ताजे फल और मौसमी सब्जियां खाएं।
- अत्यधिक प्रोसेस्ड और जंक फूड से बचें।
- पर्याप्त नींद और आराम लेने की कोशिश करें।
- डॉक्टर की सलाह के अनुसार आयरन, कैल्शियम और विटामिन सप्लीमेंट्स लेते रहें।
ध्यान दें: केवल कुछ खास खाद्य पदार्थ खाने से ही ब्रेस्ट मिल्क नहीं बढ़ता। नियमित ब्रेस्टफीडिंग, पर्याप्त पानी, संतुलित आहार, तनाव कम रखना और पर्याप्त आराम भी दूध के उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी डाइट, सप्लीमेंट या स्वास्थ्य संबंधी उपाय को अपनाने से पहले अपने डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ से सलाह अवश्य लें।

