‘सच्ची लीडरशिप दशकों में मापी जाती है, आपके योगदान के लिए धन्यवाद’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले रिजिजू

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‘सच्ची लीडरशिप दशकों में मापी जाती है, आपके योगदान के लिए धन्यवाद’, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर बोले रिजिजू

देश भर में छात्रों के विरोध प्रदर्शन के चलते धर्मेंद्र प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के बाद केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू और बीजेपी अध्यक्ष नितिन नवीन समेत कई नेताओं ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। किरेन रिजिजू ने शिक्षा व्यवस्था में योगदान के लिए उनका शुक्रिया अदा किया। वहीं, नितिन नवीन ने निस्वार्थ भाव से काम करने के लिए धर्मेंद्र प्रधान को धन्यवाद कहा।

किरेन रिजिजू ने धर्मेंद्र प्रधान के साथ फोटो शेयर करते हुए लिखा, “सच्ची लीडरशिप दशकों में मापी जाती है और धर्मेंद्र प्रधान जी का सफर पब्लिक लाइफ और स्टूडेंट वेलफेयर से जिंदगी भर जुड़े रहने का सबूत है। यूनियन कैबिनेट में उनके साथ काम करते हुए, मैंने भारत के एजुकेशन इकोसिस्टम को मजबूत करने और हमारे लाखों युवा स्टूडेंट्स को हर फैसले के सेंटर में रखने के लिए उनका सच्चा डेडिकेशन देखा है। इतने जरूरी सेक्टर को लीड करने के लिए बहुत ज्यादा लगन की जरूरत होती है और उन्होंने इसे हिम्मत और साफ विजन के साथ अपनाया। धर्मेंद्र जी, आपकी लगातार सेवा, सुधारों के लिए आपके कमिटमेंट और एक मजबूत भारत बनाने में आपके योगदान के लिए धन्यवाद। मैं आपको शुभकामनाएं देता हूं कि आप इसी पक्के इरादे और ईमानदारी के साथ देश की सेवा करते रहें!”

नितिन नवीन की प्रतिक्रिया

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद नितिन नवीन ने एक्स पर लिखा, “केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तौर पर धर्मेंद्र प्रधान जी ने भारत के शिक्षा के माहौल को सुधारने और ऐतिहासिक नेशनल एजुकेशन पॉलिसी को सफलतापूर्वक लागू करने में अहम भूमिका निभाई। बड़े हितों को प्राथमिकता देते हुए, पद छोड़ने का उनका फैसला सार्वजनिक जीवन में ईमानदारी और निस्वार्थ सेवा के सबसे ऊंचे स्टैंडर्ड को दिखाता है। पार्टी इस फैसले में धर्मेंद्र प्रधान जी के साथ पूरी तरह खड़ी है। मैं उनके आगे के कामों के लिए शुभकामनाएं देता हूं।”

देश की खुशहाली के लिए काम करती है बीजेपी- गिरिराज सिंह

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने कहा, “भारतीय जनता पार्टी देश की एकता और देश की खुशहाली के लिए काम करती है। जब स्टूडेंट्स अपनी मांगों को लेकर आगे आए, तो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तुरंत जवाब दिया। एक महीने के अंदर न सिर्फ परीक्षा हुई, बल्कि वह लीक-प्रूफ भी थी और रिजल्ट भी समय पर घोषित किए गए। हालांकि, कुछ बाहरी ताकतों ने देश में अलग माहौल बनाने की कोशिश की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हमेशा देश के युवाओं और स्टूडेंट्स की चिंताओं के प्रति सेंसिटिव रहे हैं।”

 

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