जम्मू-कश्मीर में किश्तवाड़ में सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में दो आतंकी मारे गए हैं। अधिकारियों ने बताया कि रविवार को सुदूर इलाके में सुरक्षा बलों और आतंकियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद तलाशी अभियान में सैनिकों ने दो आतंकियों के शव बरामद किए। उनके पास दो एके-47 राइफल भी मिलीं। सेना की टुकड़ी व्हाइट नाइट कॉर्प्स की तरफ से सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर बताया गया कि किश्तवाड़ जिले में दो आतंकी मारे गए।
अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े दो पाकिस्तानी आतंकवादियों की मौजूदगी की सूचना मिली थी। इसके बाद सेना, पुलिस और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) की संयुक्त टुकड़ियों ने तलाश अभियान शुरू किया और दौरान सुबह लगभग साढ़े 10 बजे चतरू बेल्ट के पासेरकुट इलाके में मुठभेड़ शुरू हो गई।
मिट्टी के घर में छिपे थे आतंकी सेना के अधिकारियों ने बताया कि एक पहाड़ी पर स्थित मिट्टी के घर के भीतर छिपे आतंकवादियों ने पास आ रहे जवानों पर अंधाधुंध गोलीबारी शुरू कर दी, जिसके बाद भीषण मुठभेड़ शुरू हो गई। अधिकारियों ने बताया कि यह अभियान अभी भी जारी है। अब तक दो आतंकियों के शव बरामद किए गए हैं। पिछले महीने चटरू जंगल इलाके में आतंकवादियों और सुरक्षा बलों के बीच करीब आधा दर्जन मुठभेड़ें हुईं, जिसमें एक सैनिक शहीद हुआ और एक आतंकवादी मारा गया।
सेना ने क्या बताया?
सुरक्षाबलों की तरफ से एक्स पर लिखा गया, ” जम्मू कश्मीर पुलिस, आईबी और अपने इंटेलिजेंस सोर्स से मिली भरोसेमंद इंटेलिजेंस इनपुट के आधार पर, किश्तवाड़ इलाके में ऑपरेशन त्राशी-I के तहत एक सोचा-समझा जॉइंट ऑपरेशन शुरू किया गया ताकि इलाके में एक्टिव आतंकवादियों को ट्रैक और न्यूट्रलाइज किया जा सके। पहले सेना और आतंकियों के बीच थोड़ी मुठभेड़ हुई। इसके बाद रविवार सुबह 11 बजे के करीब सीआईएफ डेल्टा, जम्मू कश्मीर पुलिस और सीआरपीएफ के जवानों ने मिलकर आतंकवादियों से एनकाउंटर शुरू किया। सामरिक सटीकता, सहज तालमेल और दृढ़ आक्रामकता का प्रदर्शन करते हुए, सैनिकों ने मुठभेड़ स्थल पर अपना दबदबा बनाया, जिसमें दो आतंकी मारे गए। दो एके-47 राइफल सहित कई हथियार भी बरामद किए गए हैं।”

