‘अंकल, मुझे बचा लो… यहां बंधक हूं’, नाबालिग की एक कॉल से खुला बच्चियों की खरीद-फरोख्त का कथित खेल, 5 गिरफ्तार

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अंकल, मुझे बचा लो: बंधकर बना रखा है, नाबालिग की हिम्मत से खुला बच्चियों की खरीद-फरोख्त का खेल, पांच गिरफ्तार

अलीगढ़: “अंकल, मुझे बचा लो… मुझे यहां बंधक बनाकर रखा गया है।” अलीगढ़ के टप्पल इलाके से डायल 112 पर आई एक नाबालिग की इस गुहार ने पुलिस को कथित अंतरराज्यीय मानव तस्करी नेटवर्क तक पहुंचा दिया। सबसे हैरान करने वाली बात यह रही कि बच्ची ने घर की बहू के मोबाइल का पैटर्न लॉक किसी तरह खोलकर पुलिस से संपर्क किया और अपनी लोकेशन बताई।

सूचना मिलते ही पुलिस सक्रिय हुई और बच्ची को सुरक्षित मुक्त करा लिया। इसके बाद जांच आगे बढ़ी तो पुलिस को दो और नाबालिग बच्चियों के गिरोह के संपर्क में होने की जानकारी मिली। दोनों को भी रेस्क्यू किया गया। पुलिस ने कथित महिला सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

पढ़ाई और बेहतर भविष्य का झांसा, फिर कथित तौर पर बेचने का आरोप

पुलिस के मुताबिक, यह गिरोह छत्तीसगढ़, झारखंड और राजस्थान जैसे राज्यों से आर्थिक रूप से कमजोर या बेसहारा बच्चियों को कथित तौर पर अपने जाल में फंसाता था।

आरोप है कि बच्चियों को पढ़ाई, नौकरी और बेहतर भविष्य का झांसा देकर अलीगढ़ लाया जाता था। इसके बाद उन्हें कथित तौर पर 70 हजार से एक लाख रुपये तक में ऐसे लोगों को बेच दिया जाता था, जिनकी शादी नहीं हो रही थी।

पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या नेटवर्क से जुड़ी कुछ बच्चियों को दिल्ली-एनसीआर में घरेलू काम के लिए भी भेजा गया था।

अलीगढ़ स्टेशन पर अकेली मिली थी 15 साल की बच्ची

पुलिस के अनुसार करीब चार महीने पहले छत्तीसगढ़ की रहने वाली 15 वर्षीय नाबालिग एक युवक के साथ घर से निकली थी। कुछ दिन बाद वह युवक उसे अलीगढ़ रेलवे स्टेशन पर अकेला छोड़कर चला गया।

बच्ची के परिजनों ने छत्तीसगढ़ में उसके खिलाफ मुकदमा भी दर्ज कराया था। इसी दौरान कथित तौर पर बबिता उर्फ चाची की नजर स्टेशन पर अकेली बच्ची पर पड़ी।

आरोप है कि बबिता ने पहले बच्ची को सहानुभूति दिखाई, खाना खिलाया और मदद का भरोसा दिया। इसके बाद अपने कथित सहयोगी सुखाराम उर्फ महावीर के जरिये बच्ची को टप्पल के मौर गांव निवासी विनोद जाट के हाथ सौंप दिया गया।

जबरन शादी और प्रताड़ना के बाद बच्ची ने उठाया बड़ा कदम

पुलिस का आरोप है कि विनोद ने नाबालिग की जबरन अपने बेटे से शादी करा दी। बच्ची के साथ कथित तौर पर मारपीट और प्रताड़ना की जाने लगी।

हालात से परेशान बच्ची को जब मौका मिला तो उसने घर की बहू का मोबाइल उठा लिया। उसने मोबाइल का पैटर्न लॉक खोलकर डायल 112 पर कॉल की और पुलिस को अपनी स्थिति तथा लोकेशन की जानकारी दी।

7 अगस्त को मिली इस कॉल के बाद सीओ खैर अभिषेक पटेल और एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की टीम सक्रिय हुई। पुलिस मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला।

पूछताछ और जांच के दौरान पुलिस को दो अन्य नाबालिग बच्चियों के बारे में जानकारी मिली। दोनों को भी रेस्क्यू कर लिया गया।

महिला सरगना समेत पांच गिरफ्तार

पुलिस ने कथित सरगना बबिता उर्फ चाची, निवासी प्रयागराज, और उसके सहयोगी सुखाराम उर्फ महावीर, निवासी गोंडा, को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार सुखाराम मूल रूप से राजस्थान के डीग का रहने वाला है और कथित तौर पर पहचान छिपाकर रह रहा था।

इसके अलावा मौर गांव निवासी विनोद जाट, गोंडा निवासी बबलू और ओमपाल सिंह को भी गिरफ्तार किया गया है। पुलिस का आरोप है कि इन तीनों ने शादी के नाम पर नाबालिग बच्चियों को खरीदा था।

मानव तस्करी से लेकर पॉक्सो तक गंभीर धाराओं में केस

एसपी ग्रामीण मनीष कुमार मिश्रा के मुताबिक आरोपियों के खिलाफ मानव तस्करी, नाबालिग से दुष्कर्म, पॉक्सो और बाल विवाह निषेध अधिनियम समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पांचों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है।

अब पुलिस की जांच का दायरा और बढ़ गया है। एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि कथित नेटवर्क की जड़ें कितने राज्यों तक फैली हैं और अब तक कितनी बच्चियां इसके निशाने पर आईं।

एक मोबाइल कॉल ने खोल दिया पूरा राज

इस पूरे मामले में सबसे अहम कड़ी वही मोबाइल फोन बना, जिससे नाबालिग ने हिम्मत जुटाकर पुलिस को फोन किया।

एक तरफ वह बच्ची खुद कथित तौर पर बंधक बनाकर रखी गई थी, दूसरी तरफ उसके पास मदद मांगने का कोई आसान रास्ता नहीं था। लेकिन मौका मिलते ही उसने मोबाइल का लॉक खोला और डायल 112 पर सिर्फ एक कॉल कर अपनी लोकेशन पुलिस तक पहुंचा दी।

उस एक कॉल ने न सिर्फ उसे और दो अन्य बच्चियों को कथित चंगुल से बाहर निकालने में मदद की, बल्कि पुलिस के सामने बच्चियों की कथित खरीद-फरोख्त के बड़े नेटवर्क की जांच का रास्ता भी खोल दिया।

अब सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या इस गिरोह ने इससे पहले भी ऐसी बच्चियों को अपना शिकार बनाया है? पुलिस इसी सवाल का जवाब तलाश रही है।

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