आईआईटियन बाबा को पुलिस ने मंगलवार को कोर्ट में पेश कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। बाबा की गिरफ्तारी के बाद मामले में कई और चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं, जिससे साफ हो गया है कि राधाकुंड में यह खेल लंबे समय से चल रहा था। वहीं बाबा की गिरफ्तारी के बाद उसके आश्रम से जुड़े रहस्यों की परतें धीरे-धीरे खुल रही हैं। पुलिस द्वारा की जा रही विस्तृत जांच में ऐसे खुलासे हो रहे हैं जो धर्म और आस्था के नाम पर संचालित होने वाले केंद्रों के काले सच को उजागर कर रहे हैं। हालिया जांच में यह पता चला है कि बाबा आश्रम में रहने वाले युवाओं को अपनी मर्जी से जीने और आपस में शादी करने के लिए मजबूर करता था।
पुलिस ने आश्रम से बचाए गए कई युवक-युवतियों के विस्तृत बयान दर्ज किए हैं। पूछताछ में सामने आया है कि बाबा धर्म और भक्ति के डर का इस्तेमाल कर युवाओं को ब्लैकमेल करता था। वह उन्हें अपनी इच्छानुसार जीवन जीने और यहां तक कि आपस में गंधर्व विवाह (लव मैरिज) करने के लिए भी विवश करता था। यदि कोई इसका विरोध करता, तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी।
जांच में यह भी पता चला है कि बाबा खुद को भगवान श्रीकृष्ण का अवतार बताता था। उसका दावा था कि उसे सपनों में भगवान श्रीकृष्ण के दर्शन होते हैं और वे उसे मार्गदर्शन देते हैं। इसी का फायदा उठाकर वह युवाओं के मन में भय और अंधविश्वास पैदा करता था।
हाल ही में, पुलिस ने एक ऐसे ही मामले का खुलासा किया है जहां बाबा ने एक 22 वर्षीय युवक का 45 वर्षीय महिला से गंधर्व विवाह कराया था। यह घटना बाबा के आश्रम में चल रहे अनैतिक कृत्यों की ओर इशारा करती है। पुलिस का मानना है कि आगे की जांच में इस प्रकरण से जुड़े और भी कई चौंकाने वाले खुलासे हो सकते हैं।
अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दे परिजन से वसूलता था रकम
एसपी देहता सुरेश चंद्र रावत ने बताया कि आरोपी बाबा बेहद शातिर तरीके से युवक-युवतियों का शोषण करता था। वह आश्रम में आने वाली युवतियों के अश्लील फोटो और वीडियो बना लेता था। इसके बाद वह इन वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने और बदनाम करने की धमकी देकर पीड़िताओं के परिजन से मोटी रकम वसूलता था। ब्लैकमेलिंग से मिली इसी काली कमाई के जरिए उसने राधाकुंड में एक आलीशान मकान (आश्रम) भी खड़ा कर लिया है। फिलहाल वह भवन निर्माणाधीन है।

