UP: बच्चों के लिए मांगा था जमीन का टुकड़ा, हिस्से में आया मासूम बेटे का शव; मां ने हक दिलाने की लड़ी थी लड़ाई

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UP: बच्चों के लिए मांगा था जमीन का टुकड़ा, हिस्से में आया मासूम बेटे का शव; मां ने हक दिलाने की लड़ी थी लड़ाई

यूपी के फिरोजाबाद में हुए 14 साल के मयंक की हत्या का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गिरफ्त में आए आरोपी ने पिता ने पुलिस को बताया कि मयंक से एक काम करने के लिए कहा था। उसने इनकार कर दिया और धमकी भी दी थी। इस पर उससे गुस्सा आ गया। उसने हंसिया फेंककर मारा तो उसकी आंख के पास जा लगा। इस पर वह डर गया और बेटे को मार डाला।  फिरोजाबाद में पति-पत्नी के झगड़े के बीच उर्मिला की अपने बच्चों के भविष्य को सुरक्षित करने और उनको ससुराल में संपत्ति का हक दिलाने की लड़ाई भी कम नहीं रही। उर्मिला ने 10 अगस्त 2023 से लेकर 12 जून 2024 तक प्रशासन और शासन में 14 प्रार्थना पत्र दाखिल किए। वह बस अपने बच्चों के नाम पर ससुर से कुछ संपत्ति चाहती थी।

मगर राजस्व विभाग की भूमिका इसमें संतोषजनक नहीं रही। जब ससुर रामकिशन ने जिजौली की पैतृक संपत्ति को अपने बेटे विकास के नाम पर दानपत्र के जरिये कर दिया था, तो उसने प्रशासन से गुहार लगाई थी कि इस दानपत्र को निरस्त किया जाए, क्योंकि यह पैतृक संपत्ति का सही बंटवारा नहीं है।

जब सुनवाई नहीं हुई, तो वह 29 सितंबर 2023 को परिवार रजिस्टर की नकल निकलवाने के लिए प्रयासरत हुई और एक आईजीआरएस शिकायत दर्ज की, मगर उसे वह भी नहीं दी गई। बीडीओ, सहायक विकास अधिकारी और ग्राम पंचायत विकास अधिकारी ने आईजीआरएस के निस्तारण में लिखा कि उर्मिला के पति राजेश ने उसे परिवार रजिस्टर की नकल देने से मना किया है। 

इन तिथियों पर दिए प्रार्थना पत्र
10 अगस्त 2023 को डीएम
6 सितंबर 2023 को फिर डीएम
14 सितंबर 2023 को पीजी पोर्टल और डीएम को
8 नवंबर 2023 को डीएम को
20 दिसंबर 2023 को सीएम को
18 अप्रैल 2024 को दो प्रार्थना पत्र ऑनलाइन दिए
20 अप्रैल 2024 को एसएसपी को मारपीट के संबंध में
24 अप्रैल और 15 मई 2024 को सीएम हेल्पलाइन पर। इसके बाद 17 मई 2024 को डीएम
30 मई 2024 को सीएम हेल्पलाइन और 12 जून 2024 को सीएम को प्रार्थना पत्र प्रेषित किया।

अब सौरभ, पारस और विकास की तलाश
प्राथमिकी में राजेश के अलावा उसके तीन भाई सौरभ, पारस और विकास भी नामजद हैं। पुलिस अब इनकी तलाश में जुटी है।

गांव में हुआ अंतिम संस्कार
मयंक का अंतिम संस्कार उसके ननिहाल पक्ष व गांव के लोगों ने नगला मवासी, मटसैना में किया। इस दौरान उसके पिता के पक्ष से कोई भी परिजन अंतिम बार चेहरा तक देखने नहीं आया।

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