गौतमबुद्धनगर जिले में चार दिनों से सुलग रही वेतन बढ़ाने की मांग सोमवार को ज्वाला बन गई। सुबह करीब 9 बजे फेज-2 की मदरसन कंपनी से श्रमिकों का शुरू हुआ प्रदर्शन देखते-देखते हिंसक बन गया। यह आग करीब दो घंटे में पूरे शहर में फैल गई। सड़क पर उतरे कामगारों ने सेक्टर-58, 59, 62, 63 और सेक्टर-84 की कंपनियों में तोड़फोड़ कर दी। इस बीच पुलिस ने कई स्थानों पर लाठीचार्ज किया। हालात पर काबू पाने के लिए आंसू गैस के गोले भी छोड़े। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन में सोमवार को नोएडा में 300 से अधिक कंपनियों में तोड़फोड़ व आगजनी की गई। इस दौरान 100 से अधिक गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई, 20 से ज्यादा वाहनों को आग के हवाले कर दिया गया। झड़पों में 10 पुलिसकर्मियों समेत 30 से अधिक लोग चोटिल हो गए।
दिन में उभरे श्रमिकों के असंतोष के बाद सरकार ने देर रात न्यूनतम मजदूरी दरों में बढ़ोतरी कर दी। नए आदेश एक अप्रैल 2026 से लागू होंगे। अलग-अलग श्रेणियों में अधिकतम करीब 3000 तक का इजाफा हुआ है। यह तात्कालिक फैसला है। आगे व्यापक समीक्षा के साथ वेज बोर्ड के माध्यम से स्थायी समाधान की प्रक्रिया शुरू की जाएगी।
नोएडा आंत्रप्रिन्योर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपिन मल्हन ने बताया, हिंसक प्रदर्शन में 300 से अधिक कंपनियों को नुकसान पहुंचा है। प्रदेश सरकार ने उच्चस्तरीय समिति का गठन कर जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी है।
नोएडा-ग्रेटर नोएडा में चार दिन से जारी श्रमिकों का प्रदर्शन सोमवार को उग्र हो गया। सुबह फेज-2 में मदरसंस कंपनी के बाहर नाराज श्रमिकों ने पुलिस की गाड़ियों में तोड़-फोड़ की। कई अन्य वाहनों में आग लगा दी। इसके बाद पूरे शहर में प्रदर्शन हिंसक हो गया।
फेज-2, एनएसईजेड के बाद सेक्टर-57, 58, 59, 62 से सेक्टर-63, 64, 65 तक प्रदर्शनकारी सड़कों पर आ गए। प्रदर्शनकारी जुलूस की तरह गुजरते हुए कंपनियों के शीशे तोड़ते गए। कई कंपनियों में अंदर घुसकर भी तोड़फोड़ की गई।
सेक्टर-63 स्थित मारुति कार के सर्विस सेंटर में कई वाहनों में आग लगा दी और शो-रूम में तोड़फोड़ की। दिनभर कर्मचारियों का जत्था घूमता रहा। बड़ी संख्या में महिलाएं भी सड़क पर बैठ गईं। पुलिस अफसरों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए। दोपहर बाद पुलिस व पीएसी बल ने कई स्थानों पर लाठीचार्ज कर श्रमिकों की भीड़ को तितर-बितर कर दिया।
