आगरा के शाहदरा फ्लाईओवर से गिरकर दो युवकों की मौत के बाद पुल की डिजाइन पर सवाल उठने लगे हैं। जिला सड़क सुरक्षा समिति के पूर्व सदस्य ने इसका ऑडिट कराते हुए डिजाइन में सुधार की मांग की है। डीएम के निर्देश पर एनएचएआई इसका सर्वे कराएगा।
शाहदरा फ्लाईओवर पर कार की टक्कर के बाद बाइक सवार युवक उछलकर फ्लाईओवर से नीचे गिर गए थे। हादसे के बाद सड़क सुरक्षा समिति के पूर्व सदस्य डॉ. संजय चतुर्वेदी ने डिजाइन में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए प्रशासन से जांच कराने की मांग की थी। उनका कहना है कि इसकी रेलिंग छह फीट तक ऊंची होती तो युवक करीब 40 फीट नीचे नहीं गिरते।
डीएम के निर्देश के बाद एनएचएआई की टीम शाहदरा फ्लाईओवर का सर्वे कराते हुए रिपोर्ट तैयार करेगी। इसे मुख्यालय भेजा जाएगा। एनएचएआई के परियोजना निदेशक संदीप यादव ने बताया कि फ्लाईओवर का सर्वे कराने के बाद रिपोर्ट बनाई जाएगी। मुख्यालय से जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार काम कराया जाएगा।
सभी फ्लाईओवर की रेलिंग की जाए छह फीट ऊंची
डॉ. संजय चतुर्वेदी का कहना है कि सभी फ्लाईओवर की रेलिंग ढाई से तीन फीट ऊंची है। अगर कोई बाइक से गुजरे तो रेलिंग के बराबर ऊंचाई होती है। टक्कर लगने की स्थिति में बाइक सवार सीधे फ्लाईओवर से नीचे गिरता है। इसके चलते ही शाहदरा फ्लाईओवर, आंबेडकर पुल समेत कई जगह हादसे हो चुके हैं। तत्काल प्रभाव से सभी फ्लाईओवर की ऊंचाई छह फीट ऊंची की जानी चाहिए। ब्लैक स्पॉट घोषित करते हुए स्पीड कंट्रोल पर सख्ती की जाए। इसके लिए एनएचएआई को पत्र भी लिखा है।

