आगरा के सदर तहसील में एक महिला ने अपने भाई, भाभी और अधिवक्ता पर उनके फर्जी हस्ताक्षर कर अधिकार पत्र बनवा लेने और पैतृक मकान का बैनामा करने का आरोप लगाया है। न्यायालय के आदेश पर थाना शाहगंज में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
मथुरा के भरतपुर गेट निवासी आरती ने बताया कि सदर के रोहता स्थित गंगा एंक्लेव में उनके पिता दौलतराम का दो मंजिला मकान है। उनकी मृत्यु के बाद वह, उनकी बहन प्रीति और भाई आकाश व करन वारिस थे। भाई आकाश ने सेवला निवासी नरेंद्र झा से मकान का सौदा किया। वह पैतृक संपत्ति में अपना हिस्सा नहीं बेचना चाहती थीं।
तैयार कराया कूटरचित अधिकार पत्र
इसके बाद भाई आकाश ने बेईमानी की नीयत से 5 अक्तूबर 2023 को सदर तहसील में उनके फर्जी हस्ताक्षर, अंगूठे के निशान और उनकी फोटो लगाकर कूटरचित अधिकार पत्र तैयार कराया। अधिकार पत्र पर अधिवक्ता राजेंद्र कुशवाह ने अपनी मोहर लगाकर प्रमाणित किया। इसके बाद बैनामा के दौरान रजिस्ट्रार के समक्ष उनके स्थान पर आकाश ने अपनी पत्नी मोना को प्रस्तुत किया। मोना ने ही बैनामा में हस्ताक्षर किए।
साजिश में ये लोग रहे शामिल
साजिश में आकाश, उसकी पत्नी मोना, अधिवक्ता राजेश कुशवाह, गवाह करन व गौरव तथा क्रेता नरेंद्र कुमार झा की भूमिका रही। आरोपियों ने 300 वर्गगज में बने मकान का सिर्फ 49 लाख 50 हजार रुपये में बैनामा कर दिया। पुलिस आयुक्त व थाना शाहगंज में शिकायत के बाद भी कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण ली। थाना प्रभारी का कहना है कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच की जा रही है।

