निवेशकों से 600 करोड़ रुपये से अधिक की ठगी करने वाले रोहतास ग्रुप पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) का शिकंजा लगातार कसता जा रहा है। यूपी के नोएडा के अलावा दिल्ली और उत्तराखंड में ग्रुप की कई करोड़ रुपये की संपत्तियों को ईडी ने चिह्नित किया है, जिन्हें जल्द जब्त किया जाएगा।
ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। आरोप है कि रोहतास ग्रुप ने निवेश के बदले फ्लैट देने का झांसा देकर निवेशकों से रकम ली, लेकिन न तो फ्लैट दिए गए और न ही पैसा लौटाया गया। इस तरह करीब 600 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की गई।
शुक्रवार को ईडी ने ग्रुप की 77 संपत्तियां जब्त कीं, जिनकी वर्तमान कीमत लगभग 350 करोड़ रुपये आंकी गई है। ये संपत्तियां ग्रुप संचालक दीपक रस्तोगी और उसकी सहयोगी कंपनियों के नाम पर थीं। सूत्रों के अनुसार जांच में आठ से दस और संपत्तियों की जानकारी मिली है। कागजी और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद उन पर भी कार्रवाई होगी।
रडार पर सराफ, कसेगा शिकंजा जांच के दौरान सामने आया है कि कार्रवाई शुरू होने के बाद एक सराफ ने अपनी दो कंपनियों के नाम पर रोहतास ग्रुप की 110 करोड़ रुपये की जमीन खरीदी, लेकिन कागजों में सौदा केवल 40 करोड़ रुपये का दिखाया गया। इस मामले में भी ईडी ने पुख्ता साक्ष्य जुटा लिए हैं और जल्द कार्रवाई की जाएगी।

