वर्षों से जेल में बंद कैदियों के लिए राहत की किरण दिखाई देने लगी है। अच्छे चाल-चलन और लंबी सजा काट चुके बंदियों की रिहाई प्रक्रिया ने रफ्तार पकड़ ली है। जिला प्रशासन ने 94 कैदियों में से 60 की दया याचिकाओं को मंजूरी देते हुए उनकी फाइल शासन को भेज दी है, जबकि अन्य मामलों में भी प्रक्रिया अंतिम चरण में पहुंच गई है।
डिस्ट्रिक्ट और सेंट्रल जेल में ऐसे कई बंदी हैं, जो 10 से 20 वर्ष तक की सजा काट चुके हैं। इनमें बड़ी संख्या 70 साल से अधिक के कैदियों की है। उनका जेल में आचरण भी संतोषजनक पाया गया है। ऐसे मामलों को प्राथमिकता देते हुए जेल प्रशासन ने रिहाई की संस्तुति की थी। जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला प्रोबेशन अधिकारी के माध्यम से सभी मामलों की गहन जांच कराई। पुलिस विभाग ने भी अपनी रिपोर्ट में अधिकांश मामलों में आपत्ति नहीं जताई। इससे 60 कैदियों की रिहाई का रास्ता लगभग साफ हो गया है। वहीं 14 अन्य मामलों का प्रस्ताव तैयार किया जा चुका है।
हालांकि 20 कैदियों की रिहाई फिलहाल पुलिस रिपोर्ट पर अटकी हुई है। जैसे ही इनकी रिपोर्ट प्राप्त होगी, उनकी फाइल भी शासन को भेज दी जाएगी। इसके अलावा कुछ मामलों में परिजनों की ओर से राष्ट्रपति को दया याचिका भेजी गई थी, जिन पर भी कार्रवाई जारी है। जिला प्रोबेशन अधिकारी अतुल सोनी ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलते ही इन कैदियों की रिहाई की प्रक्रिया पूरी कर ली जाएगी।

