लखनऊ के गोमतीनगर स्थित 170 एकड़ में फैले सहारा शहर को नगर निगम प्रशासन की ओर से कब्जे में लेने के बाद शनिवार को सहाराश्री की पत्नी सपना रॉय को अपने घर से निजी सामान निकालने के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। सिफारिश लगवाने और नगर निगम के अधिकारियों से नोकझोंक के बाद ही उन्हें इसकी अनुमति मिल पाई।
यह है मामला:
नगर निगम प्रशासन ने अक्तूबर में सहारा शहर को अपने कब्जे में ले लिया था। वर्ष 1995 में इस जमीन को लीज पर दिया गया था, लेकिन लीज की शर्तों का पालन न करने के चलते लीज निरस्त कर दी गई थी। निगम ने तब वहां रहने वालों को अपने घरों से सामान निकालने की चेतावनी दी थी, लेकिन सपना रॉय ने उस वक्त सामान नहीं निकाला था।
एक हफ्ते पहले सपना रॉय ने नगर निगम प्रशासन से बच्चों की किताबें व अन्य सामान निकालने की फरियाद की थी। शनिवार को जब वह निगम अधिकारियों के पास पहुंचीं, तो अधिकारी प्रथमदृष्टया तैयार नहीं हुए। इसके बाद उन्हें सिफारिश लगवानी पड़ी और एक शपथपत्र देने के बाद सामान निकालने की अनुमति मिली।
सामान निकालने के दौरान सपना रॉय और नगर निगम के अधिकारियों के बीच नोकझोंक व कहासुनी भी हुई। नगर निगम के संपत्ति प्रभारी रामेश्वर प्रसाद ने बताया कि शनिवार को सपना रॉय ने सहारा शहर से अपना सामान निकलवाया। इस दौरान निगम प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर उपस्थित रहे।

