Jalaun News: मुखिया गार्डन में आयोजित भव्य स्वागत समारोह के दौरान श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए शंकराचार्य ने दो टूक कहा कि सनातन धर्म में गोमाता का स्थान सर्वोपरि है। उन्होंने आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर जनता को सीधे तौर पर संकल्प दिलाया कि जो भी राजनीतिक दल या पक्ष गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ घोषित करने की दिशा में ठोस कार्य करेगा, सनातन समाज आगामी चुनाव में खुलकर उसी का समर्थन करेगा।
स्वागत में जुटे श्रद्धालु
एट नगर में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती महाराज के आगमन पर सनातन धर्मावलंबियों और श्रद्धालुओं ने उनका भव्य स्वागत किया। मुखिया गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में जैसे ही शंकराचार्य का आगमन हुआ, पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में मौजूद भक्तों ने उन्हें फूल-मालाएं पहनाकर आशीर्वाद प्राप्त किया, वहीं मातृशक्ति और महिला श्रद्धालुओं ने बकायदा थाल सजाकर पारंपरिक रूप से उनकी आरती उतारी और वंदन किया।
हाथ उठवाकर दिलाया चुनाव का संकल्प
शंकराचार्य ने अपने करीब 10 मिनट के संक्षिप्त लेकिन बेहद धारदार संबोधन में देश की मौजूदा स्थिति और धार्मिक मूल्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि गोमाता के सम्मान, संवर्धन और संरक्षण के लिए पूरे हिंदू समाज को अब जाति-पाति से ऊपर उठकर एकजुट होना होगा।
इसके बाद उन्होंने पंडाल में उपस्थित सभी महिला और पुरुष श्रद्धालुओं से दोनों हाथ उठवाकर यह कड़ा संकल्प दिलाया कि वे अपनी राजनीतिक निष्ठा से ऊपर उठकर केवल उसी शक्ति को वोट देंगे जो गोमाता के सम्मान की लड़ाई लड़ेगी। उन्होंने भक्तों को आशीर्वचन देते हुए देश में सनातन धर्म और संस्कृति के संरक्षण का भी मजबूत संदेश दिया।
चौबंद रही पुलिस सुरक्षा, ये रहे मौजूद
शंकराचार्य के आगमन को लेकर स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद नजर आया। कार्यक्रम के दौरान मुखिया गार्डन और आसपास के रास्तों पर पुलिस व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रही, ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो। इस ऐतिहासिक धार्मिक आयोजन के अवसर पर मुख्य रूप से सुधीर दीक्षित, सत्येंद्र पस्तोर, सिंटू महाराज, सुशील पाठक, राघवेंद्र यादव, सहित क्षेत्र के नागरिक और भारी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

