नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की ओर से शनिवार को आयोजित सीयूईटी-यूजी परीक्षा में तकनीकी खामियों ने विद्यार्थियों की परेशानी बढ़ा दी। परीक्षा के निर्धारित समय से करीब ढाई-तीन घंटे तक प्रश्नपत्र ही डाउनलोड नहीं हुए, इससे असमंजस की स्थिति बनी रही। उधर, परीक्षा केंद्र के बाहर मौजूद छात्रों और अभिभावकों ने स्पष्ट सूचना न मिलने पर प्रदर्शन किया।
सुबह निर्धारित समय से पहले तक विद्यार्थियों को केंद्र के परिसर में एंट्री दी गई। सर्वर और तकनीकी दिक्कतों के कारण परीक्षा समय पर शुरू नहीं हो सकी। सुबह 9 बजे की पाली का पेपर 12 बजे के करीब छात्रों को मिला। इससे दूसरी पाली की परीक्षा में भी देरी हुई। हालांकि, समय उतना ही दिया गया, जितना तय था। केंद्रों पर अभिभावकों ने प्रशासन से स्थिति स्पष्ट करने और सूचना नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करने की मांग करते हुए प्रदर्शन किया।
कुछ शहर में परीक्षा रद्द होने की चर्चा से आगरा में भी छात्र और अभिभावक परेशान हो गए। परीक्षा की तैयारी कराने वाले रजित गुप्ता ने बताया कि इतनी बड़ी परीक्षा कराने से पहले एनटीए और संबंधित अधिकारियों को पूरी तैयारी करनी चाहिए। इतनी मेहनत के बाद अगर परीक्षा में समस्या हो या रद्द हो जाए तो मनोबल टूट जाता है।
काफी परेशानी हुई
उत्कर्ष यादव, निवासी इटावा: परीक्षा रद्द होने की चर्चा रही, लेकिन उससे ज्यादा दुख और परेशानी का सामना करना पड़ा। कई घंटे तक भीषण गर्मी में इंतजार के बाद आखिर में पेपर मिला।
तकनीकी दिक्कत से निराशा
सत्येंद्र कुमार, निवासी जलेसर: परीक्षा की तैयारी लंबे समय से कर रहे थे, लेकिन तकनीकी खामियों के कारण काफी निराशा हुई। केंद्र पर पहुंचकर अफरातफरी और अव्यवस्था से मनोबल टूट गया।
रातभर सफर के बाद इंतजार
आयुष्मान, निवासी हरियाणा: रात में घर से निकलकर परीक्षा केंद्र पहुंचे थे। लेकिन वहां पहुंचने के बाद परीक्षा को लेकर बनी अनिश्चितता से मानसिक तनाव और बढ़ गया।
परीक्षा से पहले बढ़ गया तनाव
जतिन, निवासी हरियाणा: दूसरी पाली की परीक्षा थी, लेकिन तकनीकी समस्या और परीक्षा रद्द होने की चर्चाओं ने तैयारी के बीच काफी परेशान कर दिया, जिससे मनोबल गिर गया।
प्रश्नपत्र सामान्य, समय ने किया परेशान
सीयूईटी-यूजी परीक्षा में विद्यार्थियों ने अपने चयनित विषयों के आधार पर परीक्षा दी। इसमें हिंदी, अंग्रेजी समेत विभिन्न भाषाओं के साथ भौतिक विज्ञान, रसायन विज्ञान, गणित, जीव विज्ञान, इतिहास, राजनीति विज्ञान, भूगोल, अर्थशास्त्र, वाणिज्य और जनरल एप्टीट्यूड जैसे विषय शामिल थे। विद्यार्थियों को प्रश्नपत्र खुलने का लंबे समय तक इंतजार करना पड़ा। फिर दोबारा समय अपडेट कर परीक्षा कराई गई। परीक्षा देकर निकले अधिकांश छात्रों ने प्रश्नपत्र को सामान्य स्तर का बताया। सभी विषयों में अधिकतर प्रश्न सीधे और पाठ्यक्रम आधारित थे। भौतिक विज्ञान के कुछ प्रश्न अपेक्षाकृत कठिन रहे, जिनमें सोचने और हल करने में अधिक समय लगा। छात्रों ने बताया कि परीक्षा कठिन नहीं थी, बस समय की अफरातफरी से मनोबल टूट गया।

