आगरा- ग्वालियर हाईवे पर सोमवार सुबह एक के बाद एक छह वाहन आपस में टकरा गए, जिसमें दो लोगों की जान चली गई। इस हादसे के बाद हाईवे पर सुरक्षा के इंतजाम का बड़ा सवाल खड़ा हो गया। हाल ही में मथुरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर हुए हादसे के बाद राजमार्गों पर सुरक्षा के इंतजाम किए गए थे। इसके बावजूद कहीं रेलिंग नहीं है तो कहीं साइन बोर्ड नहीं लगे हैं। फॉग लाइट न होने पर कोहरा होने पर रास्ता दिखना भी मुश्किल हो रहा है। जिस जगह पर हादसा हुआ, वहां भी डिवाइडर की रेलिंग नहीं है। साइन बोर्ड नहीं लगाए गए हैं। लाइट भी गायब है।
इरादत नगर क्षेत्र के कुर्राचित्तरपुर मोड़ से खारी नदी तक हाईवे पर रेलिंग नहीं है। साइन बोर्ड भी खराब पड़े हैं। करीब 2 किलोमीटर तक हाईवे का सर्विस रोड नहीं है। जगह-जगह से लोग सड़क पर आते हैं। इस वजह से हादसों का डर बना रहता है। ग्वालियर हाईवे पर रोहता नहर से गांव बाद तक कई जगह गड्ढे हैं।
धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि गड्ढों के कारण गाड़ी अनियंत्रित हो जाती हैं। गांव ककुआं और इटोरा पर भी यही स्थिति है। राहगीर सुशील कुमार ने बताया कि वह बाइक से आगरा जा रहे थे। इटोरा स्थित एक गड्ढे में बाइक फिसल गई। बाल-बाल बचे।

