आगरा कलेक्ट्रेट परिसर में बुधवार कोे बारिश के बाद भूख से बेहाल बंदर उग्र हो गए। डीसीपी कार्यालय फरियाद लेकर आई महिला समेत तीन को नोच लिया। कई लोगों से सामान छीन लिया। एक इंस्पेक्टर पर हमला किया तो होमगार्ड ने डंडा दिखाकर उन्हें बचाया। कई बाइकों की सीट और साइड में लगे बैग फाड़ दिए। बंदरों से बचाव के लिए वहां तैनात होमगार्ड डंडा और गुलेल लेकर ड्यूटी कर पाए।
मौसम में बदलाव का असर बंदरों पर नजर आया। बुधवार को डीसीपी कार्यालय की पार्किंग में खड़े होने पर महिला का टिफिन छीनने के चक्कर में उसे नोच लिया। दो लोग बचाने आगे आए तो उन पर भी हमला कर दिया। चीखपुकार सुनकर वहां खड़े होमगार्ड ने डंडा दिखाकर बंदरों को भगाया। कलेक्ट्रेट में तैनात होमगार्ड ने बताया कि बंदरों से बचने के लिए हाथ में गुलेल लेकर घूमना पड़ रहा है।
बंदरों को मार नहीं सकते हैं इसलिए बस डराकर हटा देते हैं। कलेक्ट्रेट आए फरियादी राहुल अग्रवाल ने बताया कि नगर निगम बंदरों को पकड़ने के दावे करता है पर हकीकत में कुछ भी नहीं है। निगम के पशु कल्याण अधिकारी डॉ. अजय कुमार ने बताया कि बंदरों को पकड़ने के लिए पिंजरा लगाया जाएगा।

