फिरोजाबाद के थाना दक्षिण में दर्ज करीब 10 साल पुराने हत्या के एक मामले में दो अभियुक्त प्रेमलता और सोनू को कोर्ट ने साक्ष्यों व गवाही के अभाव में दोषमुक्त कर दिया है। यह घटना 20 अप्रैल 2016 की रात की है। मृतक दुर्गेश के पिता विद्याराम ने थाना दक्षिण में तहरीर दी थी कि उनके पुत्र दुर्गेश निवासी फुलवाड़ी, थाना दक्षिण की हत्या उसकी पत्नी प्रेमलता ने अपने प्रेमी सोनू निवासी फुलवाड़ी, थाना दक्षिण के साथ मिलकर जहर देकर की है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ हत्या के तहत मामला दर्ज कर आरोप पत्र न्यायालय में पेश किया था।
मुकदमे के दौरान मृतक दुर्गेश की तीन पुत्रियों खुशबू, कुमारी सोनी और कुमारी मोनी ने अपने पिता की हत्या के आरोपों से साफ इन्कार कर दिया। पुत्रियों ने गवाही दी कि घटना वाले दिन उनके पिता गांव अजलपुर में एक शादी की दावत में गए थे। वहां से लौटने पर उनकी तबीयत पहले से ही खराब थी और कुछ समय बाद उनकी मृत्यु हो गई। तीनों बेटियों ने कोर्ट में स्पष्ट कहा कि सोनू का उनकी मां के साथ कोई संबंध नहीं था और न ही उन्होंने उनके पिता को जहर दिया।
कोर्ट ने अपने फैसले में कहा, केस पूरी तरह से परिस्थितिजन्य साक्ष्य पर आधारित था, लेकिन अभियोजन परिस्थितियों की कड़ी जोड़ने में विफल रहा। मृतक दूसरे गांव में दावत खाने गया था और वहीं से लौटते वक्त उसकी हालत खराब थी। ऐसे में यह साबित नहीं हो पाया कि जहर अभियुक्तों ने ही दिया।
कोर्ट ने यह भी गौर किया कि मृतक के पिता (वादी) की अभियुक्त प्रेमलता के साथ रंजिश थी, क्योंकि प्रेमलता ने पहले वादी के खिलाफ बदसलूकी की पुलिस शिकायत की थी। इधर, वादी विद्याराम की मृत्यु हो जाने के कारण उन्हें परीक्षित नहीं कराया जा सका। अन्य गवाहों के पक्षद्रोही हो जाने और ठोस सबूतों की कमी को देखते हुए, अदालत ने प्रेमलता और सोनू को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया।

