वृंदावन के रमणरेती क्षेत्र में स्थित आश्रम में जालसाजी, धोखाधड़ी और ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। आश्रम के महामंडलेश्वर को बदनाम करने, उन्हें छेड़छाड़ व बलात्कार के झूठे केस में फंसाने की धमकी देकर 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और ट्रस्टियों को झांसे में लेकर एक करोड़ की धोखाधड़ी के आरोप में ट्रस्टी ने एक महिला सहित पांच के विरुद्ध नामजद प्राथमिकी दर्ज कराई है।
रमणरेती क्षेत्र स्थित चित्रकूट अखंड सच्चिदानंद आश्रम के ट्रस्टी राघवेंद्र द्विवेदी ने कोतवाली में प्राथमिकी दर्ज कराई है कि फतेहपुर, देवीगंज निवासी रंजना सिंह अपनी दो बेटियों आयुषी और अंशिका के साथ वृंदावन स्थित आश्रम में आकर ठहरी थी। इन महिलाओं ने आश्रम के स्टाफ और ट्रस्टियों के सामने संतों और महामंडलेश्वर के प्रति गहरी आस्था का नाटक किया। रंजना सिंह ने खुद को बड़े अधिकारियों से आत्मीय संबंधों वाली रसूखदार महिला बताया और हर विभाग में अपनी पकड़ का दावा किया।
ट्रस्ट का एक अन्य आश्रम
मध्य प्रदेश के चित्रकूट में स्वर्गाश्रम पीली कोठी ट्रस्ट के नाम से संचालित है, जहां भक्तों के दान से फ्लैट बनाने की योजना थी। आरोप है कि रंजना सिंह और उसकी बेटियों ने साजिश के तहत इस योजना की जानकारी जुटा ली। इसके बाद आश्रम प्रबंधन की जानकारी के बिना इन्होंने स्वर्गाश्रम में रुककर कई लोगों को फ्लैट और जमीन दिलाने के बहाने स्वर्गाश्रम पीली कोठी ट्रस्ट के नाम पर करीब 1 करोड़ रुपये की एडवांस रकम ठग ली। जब लोगों ने अपने पैसे वापस मांगने शुरू किए तो आरोपियों ने धोखाधड़ी को छिपाने के लिए झूठ बोला कि पूरा पैसा महाराज जी को दे दिया है। आश्रम के प्रबंध तंत्र और ट्रस्टी राघवेंद्र द्विवेदी को जब इस जालसाजी का पता चला और उन्होंने रंजना व उसकी बेटियों से पूछताछ की तो आरोपी महिलाएं आश्रम और महामंडलेश्वर महाराज से दुश्मनी रखने लगीं।
शिकायतकर्ता के अनुसार जानकारी करने पर पता चला कि रंजना के खिलाफ फतेहपुर के राधानगर और कोतवाली थानों में पहले से ही धोखाधड़ी, मारपीट, लूट और एससी,एसटी एक्ट जैसी गंभीर धाराओं में करीब 8 आपराधिक प्राथमिकी दर्ज हैं। प्राथमिकी के अनुसार 27 जून की रात रंजना सिंह अपनी दोनों बेटियों और दो अन्य साथी उमेर अहमद व कुनाल राजपूत के साथ जबरन वृंदावन आश्रम में घुस आईं। आश्रम के स्टाफ ने जब आपत्ति जताई तो आरोपी महिलाओं ने खुद को बंधक बनाने का शोर मचाना शुरू कर दिया और बाहर जाने को कहने पर छेड़छाड़ व बलात्कार के झूठे मुकदमे में जेल भिजवाने की धमकी दी। पुलिस ने आरोपियों को आश्रम से बाहर निकाला।
इसके बाद 28 जून को जब ट्रस्टी राघवेंद्र द्विवेदी स्कूटी से जा रहे थे तो रास्ते में कार से उनका रास्ता रोक लिया और धमकी देते हुए कहा कि महामंडलेश्वर से कहना कि चित्रकूट के नाम पर जो पैसे हमने लोगों से लिए हैं, उसे लौटाने का दबाव न बनाए, 50 लाख रुपये की चौथ दें, अन्यथा उसे छेड़छाड़ और बलात्कार के झूठे केस में फंसाकर जेल भिजवा देंगे। पुलिस शिकायत करने पर जान से मारने की धमकी दी।
शिकायतकर्ता को एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग भी मिली है, जिसमें रंजना सिंह किसी अन्य महिला से महामंडलेश्वर महाराज को झूठे मुकदमों में फंसाने की साजिश रचती हुई सुनाई दे रही है। ज्ञात हो कि 15 दिन पूर्व आरोपी महिला रंजना सिंह ने रमणरेती स्थित चित्रकूट आश्रम में बंधक बनाकर आश्रम के महंत पर कई गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत की थी। सीओ सदर वरुण मिश्रा ने बताया कि आश्रम के ट्रस्टी की शिकायत पर महिला सहित पांच के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है। इस मामले में जांच की जा रही है। जांच के बाद ही विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी।

