हिमालयी शृंखला पर पश्चिमी विक्षोभ कारण आई नमी से शहरियों को उमस भरी गर्मी झेलनी पड़ी। इस वजह से जितना तापमान रहा है, उससे अधिक गर्मी महसूस हुई। एक डेढ़ घंटे के लिए बादल आए जरूरी ने लू के सख्त थपेड़ों पर असर नहीं डाल पाए। मौसम विभाग का अनुमान है कि 28 मई तक तपिश का यही हाल रहेगा। ऊंचे बादलों की आवाजाही से एक-दो डिग्री पारा नीचे-ऊपर हो सकता है।
शनिवार को चकेरी स्थित एयर फोर्स मौसम केंद्र पर अधिकतम तापमान 44.2 डिग्री और न्यूनतम तापमान 27 डिग्री दर्ज किया गया। सीएसए की मौसम वेधशाला में अधिकतम तापमान 43 डिग्री और न्यूनतम तापमान 25.8 डिग्री रिकॉर्ड किया गया। सुबह की नमी छह प्रतिशत बढ़कर 41 फीसदी और दोपहर की नमी 12 प्रतिशत बढ़कर 27 फीसदी हो गई। इससे वेट बल्ब तापमान की स्थिति पैदा हो गई। इस वजह तपिश और बढ़ गई।
सीएसए के नोडल एवं तकनीकी अधिकारी अजय मिश्रा ने बताया कि 28 मई तक गर्मी इसी तरह रहने के आसार हैं। वरिष्ठ मौसम विज्ञानी डॉ. एसएन सुनील पांडेय ने बताया कि एक पश्चिमी विक्षोभ हिमालयी क्षेत्र में है। माहौल में नमी आ रही है।
इससे वेट बल्ब तापमान हो गया। जब हवा में नमी बढ़ती है तो पसीना वाष्पीकृत नहीं हो पाता। इससे गर्मी अधिक लगती है। इसे वेट बल्ब तापमान कहते हैं। नमी अधिक आने पर ऊंचे बादल बन जाएंगे। तापमान में उतार-चढ़ाव रहेगा लेकिन गर्मी से राहत नहीं है।

