पीएम मोदी की आज होने वाली जरूरी मीटिंग में क्या कुछ हो सकता है? जानिए एजेंडा

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पीएम मोदी की आज होने वाली जरूरी मीटिंग में क्या कुछ हो सकता है? जानिए एजेंडा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इसमें प्रशासनिक सुधार, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस, ईज ऑफ लिविंग और आत्मनिर्भर भारत को लेकर चर्चा होगी। मीटिंग में सचिव अपने विभागों की प्रगति रिपोर्ट और भविष्य की योजनाओं का रोडमैप प्रधानमंत्री के सामने रख सकते हैं। नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिवों के साथ एक उच्च स्तरीय बैठक करेंगे। इस बैठक में सरकार के प्रमुख सुधारों, ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ और ‘ईज ऑफ लिविंग’ जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी। इसके साथ ही आत्मनिर्भर भारत अभियान को और मजबूत करने के तरीकों पर भी मंथन किया जाएगा। PM मोदी के सेशेल्स दौरे से लौटने के बाद यह महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। बैठक शाम करीब 4 बजे होगी, जिसमें सभी केंद्रीय मंत्रालयों के सचिव शामिल होंगे।

योजनाओं का रोडमैप भी रख सकते हैं अफसर

मीटिंग में सभी सचिव प्रधानमंत्री को अपने-अपने विभागों की प्रगति और योजनाओं से जुड़ी रिपोर्ट भी सौंपेंगे। साथ ही इसमें सरकार के कामकाज को और प्रभावी बनाने, नीतिगत सुधारों को आगे बढ़ाने और प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल करने पर चर्चा होने की संभावना है। अधिकारियों से यह भी उम्मीद की जा रही है कि वे अपने विभागों में किए गए सुधारों और आगे की योजनाओं का रोडमैप प्रधानमंत्री के सामने रखेंगे।

सिर्फ 2 महीने के अंदर ऐसी दूसरी बड़ी बैठक

बता दें कि यह 2 महीने से भी कम समय में प्रधानमंत्री मोदी और शीर्ष नौकरशाही के बीच होने वाली दूसरी बड़ी संस्थागत बैठक होगी। इससे पहले 21 मई को प्रधानमंत्री ने केंद्रीय मंत्रिपरिषद और केंद्रीय सचिवों की संयुक्त बैठक की थी। उस बैठक में विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने के लिए नीतिगत सुधारों और प्रशासनिक बदलावों पर चर्चा हुई थी। उस दौरान PM मोदी ने अधिकारियों से कहा था कि फैसले लेने की प्रक्रिया तेज होनी चाहिए और फाइलों को अनावश्यक देरी से बचाते हुए तेजी से आगे बढ़ाया जाना चाहिए।

पिछली बैठक में PM मोदी ने दिए थे अहम निर्देश

PM मोदी ने उस बैठक में कम समय में अधिकतम उत्पादकता बढ़ाने और शासन व्यवस्था को सरल बनाने पर जोर दिया था। प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से यह भी कहा था कि सरकार का लक्ष्य सिर्फ एक नारा नहीं, बल्कि ‘विकसित भारत 2047’ एक मजबूत संकल्प है। उन्होंने मंत्रालयों को संरचनात्मक सुधारों पर ज्यादा ध्यान देने और जनता के हित में काम करने की सलाह दी थी। पिछली समीक्षा बैठक में जिन मंत्रालयों का प्रदर्शन अपेक्षाकृत कमजोर पाया गया था, उन्हें अपनी कार्यप्रणाली में सुधार करने और बेहतर परिणाम देने के निर्देश दिए गए थे।

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