निधि ने कुश्ती के लिए 2018 से मिर्जापुर जिले के कछवा स्थित डीआईजी अखाड़े से प्रैक्टिस शुरू की थी। दादा माता दयाल सिंह एवं दादी श्यामा देवी की परवरिश कर रहे थे। परिजनों ने पुलिस को बताया कि निधि पहलवान थी। जिला व प्रदेश स्तरीय प्रतियोगिता में भाग लेती थी। वाराणसी, मिर्जापुर, भदोही क्षेत्र में होने वाली कई कुश्ती प्रतियोगिताओं की विजेता थी। पहलवानी के साथ-साथ पढ़ाई भी करती थी। बसमत्ती देवी महाविद्यालय में बीएससी की छात्रा थी। उसकी मौत से दादा-दादी सदमे में हैं। उनका कहना है कि निधि को बड़े दुलार से पाला था। वह अच्छी पहलवान थी। बड़ी उम्मीदें थीं लेकिन सब कुछ खत्म हो गया। मिर्जामुराद थाने के प्रभारी प्रमोद कुमार पांडेय ने बताया कि आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
मार्च में होने वाली कुश्ती की तैयारी कर रही थी निधि, बुधवार को नहीं किया अभ्यास: कोच
ठटरा निवासी महिला पहलवान निधि सिंह के इस कदम से उसके प्रशिक्षक भी दंग है। प्रशिक्षण देने वाले कोच सलीम ने बताया कि वह मार्च में होने वाले नेशनल कुश्ती प्रतियोगिता की तैयारी कर रही थी। सीनियर कुश्ती प्रतियोगिता में 75 किलो वजन की मैट पर होने वाले कुश्ती में भाग लेने के लिए तैयारी कर रही थी। मिर्जामुराद थाना क्षेत्र के तमाचावाद स्थित हनुमान मंदिर के समीप अखाड़े में अभ्यास करती थी। अभ्यास करने वाले रिजवान के साथ और दूसरी बेला में कछवा स्थित साई हॉस्टल में अभ्यास के लिए पिछले एक सप्ताह से जा रही थी। बुधवार की शाम अभ्यास करने के लिए नहीं पहुंची। सूचना मिली कि निधि ने कीटनाशक दवा पी ली है। अखाड़े पर शोक जताया गया।

