आगरा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर महिला की हत्या कर शव फेंकने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले 6 फरवरी 2021 को खंदौली क्षेत्र में एक्सप्रेस-वे पुलिस चौकी से कुछ ही दूरी पर एक महिला की हत्या कर शव फेंका गया था।
मामले में आरोपियों ने पहचान छिपाने के लिए महिला को निर्वस्त्र कर शव को जला दिया था। पुलिस को मौके से अधजली लाश मिली थी, लेकिन 5 साल बाद भी न तो मृतका की पहचान हो सकी और न ही हत्यारों तक पुलिस पहुंच पाई। लगातार हो रही पुलिस ने मृतका का स्केच भी जारी किया था।
कई जिलों की खाक भी छानी थी। बाद में केस में फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई। वारदातों से साफ है कि यमुना एक्सप्रेस-वे पर अपराधियों के हौसले बुलंद हैं और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
सूटकेस में बंद कर भी फेंकी गईं
युवतियों और महिलाओं की हत्या कर शव फेंके जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल ही में एचआर मैनेजर युवती की हत्या कर शव बोरे में बंद कर जवाहर पुल पर फेंका गया था। इससे पहले जगदीशपुरा के अंसल टाउन के पास जंगल में युवती की हत्या कर शव को जला दिया गया था। सिकंदरा क्षेत्र में हाईवे पर एक महिला की लाश मिली थी। इन दोनों की शिनाख्त नहीं हो सकी। वहीं एत्मादपुर में एक के बाद एक तीन महिलाओं के शव मिले थे। एक युवती का शव झरना नाले में सूटकेस में बंद करके फेंका गया था। इन सभी की शिनाख्त नहीं हो सकी है। पुलिस भी जांच की फाइल बंद कर चुकी है।

