लखनऊ देश में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नंबर-1, महापौर सुषमा खर्कवाल ने दिल्ली में ग्रहण किया पुरस्कार

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लखनऊ देश में स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में नंबर-1, महापौर सुषमा खर्कवाल ने दिल्ली में ग्रहण किया पुरस्कार

लखनऊ: उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ ने वायु गुणवत्ता सुधार के प्रयासों में देशभर में पहला स्थान हासिल किया है। केंद्र सरकार के राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम (NCAP) के तहत कराए गए स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ को प्रथम स्थान मिला है। सोमवार को नई दिल्ली स्थित पर्यावरण भवन में आयोजित समारोह में महापौर सुषमा खर्कवाल ने लखनऊ नगर निगम की ओर से पुरस्कार ग्रहण किया।

यह उपलब्धि इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पिछले सर्वेक्षण में लखनऊ 15वें स्थान पर था। इससे पहले 2022 के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में भी राजधानी ने देश में पहला स्थान हासिल किया था।

लखनऊ को मिले डेढ़ करोड़ रुपये

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में लखनऊ पहले स्थान पर रहा। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक इंदौर दूसरे और जबलपुर तीसरे स्थान पर रहे।

पहले स्थान के लिए लखनऊ नगर निगम को 1.50 करोड़ रुपये का नकद पुरस्कार दिया गया है। दूसरे स्थान वाले शहर को एक करोड़ और तीसरे स्थान वाले शहर को 50 लाख रुपये का पुरस्कार मिलता है।

पेपर मिल कॉलोनी वार्ड भी देश में अव्वल

शहर की उपलब्धि केवल नगर स्तर तक सीमित नहीं रही। पेपर मिल कॉलोनी वार्ड (वार्ड-70) ने भी 30 हजार से अधिक आबादी वाले वार्डों की श्रेणी में देश में पहला स्थान हासिल किया है। इस उपलब्धि के लिए वार्ड को 50 लाख रुपये का पुरस्कार दिया गया।

समारोह में महापौर सुषमा खर्कवाल के साथ नगर आयुक्त गौरव कुमार समेत नगर निगम के अन्य अधिकारी भी मौजूद रहे।

सिर्फ AQI नहीं, प्रदूषण नियंत्रण के काम का भी आकलन

स्वच्छ वायु सर्वेक्षण को केवल किसी शहर की एक दिन की हवा या AQI के आधार पर तैयार की जाने वाली रैंकिंग समझना सही नहीं होगा। इसके तहत राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत शहरों में लागू किए जा रहे सिटी एक्शन प्लान और प्रदूषण नियंत्रण के उपायों का मूल्यांकन किया जाता है।

आकलन में ठोस कचरा प्रबंधन, सड़क की धूल पर नियंत्रण, वाहनों से होने वाले प्रदूषण, निर्माण एवं विध्वंस कचरे और औद्योगिक प्रदूषण जैसे क्षेत्रों में किए गए कार्य शामिल होते हैं। शहरों की ओर से उपलब्ध कराई गई जानकारी और दस्तावेजों की जांच के बाद रैंकिंग तय की जाती है।

पिछले साल 15वें स्थान पर था लखनऊ

लखनऊ के लिए यह बदलाव खास तौर पर उल्लेखनीय है। 2025 के स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में राजधानी 10 लाख से अधिक आबादी वाले शहरों की श्रेणी में 15वें स्थान पर रही थी। उस समय लखनऊ का स्कोर 179/200 था।

अब एक साल बाद शीर्ष स्थान हासिल करने से नगर निगम के लिए यह प्रदर्शन सुधार बड़ी उपलब्धि के तौर पर देखा जा रहा है।

महापौर ने लगातार प्रयासों को बताया वजह

महापौर सुषमा खर्कवाल ने इस उपलब्धि को शहर में वायु प्रदूषण कम करने और हवा की गुणवत्ता सुधारने के लिए किए जा रहे लगातार प्रयासों का परिणाम बताया है। नगर निगम की ओर से स्वच्छता, कचरा प्रबंधन और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े उपायों को इस दिशा में महत्वपूर्ण माना गया है।

हालांकि, स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में पहला स्थान हासिल करने का अर्थ यह नहीं है कि लखनऊ में वायु प्रदूषण की समस्या खत्म हो गई है। यह रैंकिंग मुख्य रूप से प्रदूषण नियंत्रण और वायु गुणवत्ता सुधार के लिए किए गए प्रयासों के प्रदर्शन को दर्शाती है।

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