राजस्थान की राजधानी जयपुर में बुधवार सुबह एक चार्टर्ड अकाउंटेंट (CA) के अपहरण की कोशिश का मामला सामने आया, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। पुलिस के अनुसार, 50 वर्षीय सीए राजीव गुप्ता सेंट्रल पार्क इलाके में मॉर्निंग वॉक पर गए थे, जब दो युवकों ने कथित तौर पर नकली पिस्टल और चाकू दिखाकर उन्हें जबरन मर्सिडीज कार में बैठा लिया।
कैसे हुई घटना
पीड़ित के आरोप के अनुसार, आरोपी उन्हें जबरन कार में बिठाकर ले गए, जिसके बाद कार आमेर इलाके की ओर दिल्ली रोड पर पहुंची। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, इसी दौरान चलती कार में पीड़ित ने गेट खोलकर मदद के लिए शोर मचाया, जिससे कार चला रहे आरोपी का नियंत्रण बिगड़ गया और तेज रफ्तार कार एक बाइक से टकराने के बाद सड़क किनारे नाले में जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
पुलिस को मिले सबूत
घटना की सूचना मिलते ही आमेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थानाधिकारी राजेंद्र गोदारा खुद पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और दुर्घटनाग्रस्त मर्सिडीज की तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार के भीतर से एक नकली पिस्टल और एक चाकू बरामद हुआ। पुलिस ने मर्सिडीज कार को कब्जे में ले लिया है और गाड़ी के रजिस्ट्रेशन नंबर व मालिक की जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है।
पीड़ित राजीव गुप्ता मामले की शिकायत दर्ज कराने के लिए अशोक नगर थाने पहुंचे, जहां घटना से जुड़ा प्राथमिक क्षेत्राधिकार आता है। अब अशोक नगर और आमेर, दोनों थानों की पुलिस मिलकर पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में जुटी है।
पुलिस जांच के दायरे में कई पहलू
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं यह घटना किसी आपसी विवाद या किसी और वजह से तो नहीं जुड़ी है, हालांकि इस बारे में अभी कोई पुष्टि नहीं हुई है और मामला जांच के शुरुआती चरण में है। मर्सिडीज कार, बरामद नकली पिस्टल और चाकू को जांच का हिस्सा बनाया गया है।
जयपुर में पुलिस कार्रवाई पर भी उठे थे सवाल
इससे पहले जयपुर के गुर्जर की थड़ी स्थित शांति नगर इलाके से एक अलग मामला सामने आया था, जहां वाहन चोरी की बरामदगी को लेकर पुलिस की कार्यप्रणाली पर ही सवाल खड़े हो गए थे। आरोप है कि 2 सितंबर को वाहन चोरी के मामले में दो संदिग्धों को पकड़ने के बाद पुलिसकर्मी कुछ युवकों के साथ रात में लोडिंग टेंपो लेकर स्थानीय निवासी राजेंद्र शर्मा के घर पहुंचे और घर के बाहर खड़ी उनकी बाइक उठा ले गए, जिसे बाद में झाड़ियों से बरामद दिखाए जाने की बात सामने आई थी। इस आरोप की पुलिस की ओर से अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

