उत्तर भारत में कड़ाके की ठंड का दौर जारी है। मौसम वैज्ञानिकों का अनुमान है कि गलन भरी ठंड अभी और कंपकंपी छुड़ाएगी। उत्तर पश्चिमी हवाओं के प्रभाव से गंगा के मैदानी इलाकों में ठंड बढ़ेगी। इस बार सर्दी का मौसम मार्च महीने तक खिंचने की संभावना है। इसका मुख्य कारण प्रशांत महासागर में ला नीना प्रभाव का और अधिक सक्रिय होना बताया जा रहा है।
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार वर्ष 2013 में भी इसी तरह की स्थिति देखी गई थी जब ला नीना प्रभाव के कारण सर्दी अधिक समय तक बनी रही थी। वर्तमान में ला नीना प्रभाव जनवरी के महीने में भी सक्रिय बना हुआ है जो आने वाले हफ्तों में भी ठंड के बने रहने का संकेत दे रहा है।
तापमान
अधिकतम-15.4 डिग्री सेल्सियस
न्यूनतम-5.6 डिग्री सेल्सियस

