उत्तर प्रदेश के विकास को नई रफ्तार देने वाले गंगा एक्सप्रेसवे को लेकर एक और बड़ी खबर सामने आई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हरदोई में आयोजित जनसभा के दौरान ऐलान किया कि गंगा एक्सप्रेसवे का दायरा अब और बढ़ाया जाएगा। उन्होंने कहा कि उद्घाटन के बाद इस परियोजना के विस्तार पर काम शुरू किया जाएगा और इसे मेरठ से आगे हरिद्वार तक जोड़ा जाएगा। इस घोषणा के बाद प्रदेश में कनेक्टिविटी और पर्यटन को लेकर नई उम्मीदें जाग गई हैं। माना जा रहा है कि यह कदम न सिर्फ यात्रा को आसान बनाएगा, बल्कि आर्थिक गतिविधियों को भी बढ़ावा देगा।
मेरठ से हरिद्वार तक बढ़ेगा एक्सप्रेसवे
प्रधानमंत्री के इस ऐलान के अनुसार, गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से आगे बढ़ाकर हरिद्वार तक ले जाया जाएगा। इससे दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश के लोगों के लिए हरिद्वार की यात्रा और भी तेज और सुविधाजनक हो जाएगी। खासकर धार्मिक यात्रियों को इसका बड़ा फायदा मिलेगा।
संगम नगरी और काशी पहुंचना होगा आसान
उद्घाटन समारोह के दौरान जनसभी को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि गंगा एक्सप्रेसवे चालू होने से दिल्ली, उत्तराखंड और पश्चिमी यूपी से संगम नगरी और काशी पहुंचाना काफी आसान हो जाएगा। यात्री अब एक दिन में ही काशी विश्वनाथ के दर्शन कर अपने घर वापस लौट सकते हैं। वहीं, आने वाले समय में गंगा एक्सप्रेसवे के विस्तार से हरिद्वार तक सीधा संपर्क स्थापित होगा और यात्रा का समय काफी कम हो जाएगा।
पर्यटन और व्यापार को मिलेगा बढ़ावा
हरिद्वार एक प्रमुख धार्मिक और पर्यटन स्थल है। एक्सप्रेसवे के विस्तार से यहां आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ सकती है। साथ ही, व्यापार और उद्योग को भी नई गति मिलेगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी। यह परियोजना उत्तर प्रदेश में तेजी से हो रहे इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का उदाहरण है। एक्सप्रेसवे के विस्तार से रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे और आसपास के क्षेत्रों में निवेश बढ़ेगा।
इन 12 जिलों से होकर गुजरेगा रूट
गंगा एक्सप्रेसवे मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अमरोहा, संभल, बदायूं, शाहजहांपुर, हरदोई, उन्नाव, रायबरेली, प्रतापगढ़ और प्रयागराज जैसे 12 जिलों को जोड़ता है। गंगा एक्सप्रेसवे को आधुनिक तकनीक से तैयार किया गया है। यात्रियों की सुरक्षा के लिए एम्बुलेंस, पेट्रोलिंग वाहन, ट्रॉमा सेंटर और सीसीटीवी जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध हैं। इसके अलावा, इमरजेंसी में वायुसेना के विमानों के लिए 3.5 किलोमीटर लंबी हवाई पट्टी भी बनाई गई है।

