श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर की श्रीनगर सेंट्रल जेल से फरार हुए दो अंडरट्रायल कैदियों को पुलिस ने तीन दिन बाद राजस्थान के चूरू जिले से गिरफ्तार कर लिया। दोनों अलग-अलग POCSO मामलों में आरोपी हैं। पुलिस के मुताबिक, दोनों 23 अगस्त को जेल की सामने वाली दीवार फांदकर फरार हुए थे। इसके बाद श्रीनगर पुलिस ने उनकी तलाश के लिए अभियान शुरू किया था।
पुलिस ने राजस्थान पुलिस की मदद से दोनों को चूरू जिले के राजगढ़ इलाके में ट्रेस कर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद श्रीनगर पुलिस की टीमें राजस्थान पहुंच चुकी हैं और दोनों को वापस श्रीनगर लाकर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
23 अगस्त को जेल की दीवार फांदकर हुए थे फरार
पुलिस के अनुसार, फरमान खान और मुख्तार अहमद गुर्जर 23 अगस्त को श्रीनगर की हाई-सिक्योरिटी सेंट्रल जेल से भाग निकले थे। दोनों ने जेल की सामने वाली दीवार को फांदा था। घटना के बाद पुलिस ने उनकी तलाश में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
दोनों की तलाश के लिए लुकआउट नोटिस भी जारी किए गए थे। पुलिस ने लोगों से उनके बारे में जानकारी देने की अपील की थी और ऐसी सूचना देने पर इनाम की घोषणा भी की गई थी।
राजस्थान के राजगढ़ में ऐसे पकड़े गए दोनों
फरार कैदियों की तलाश में जुटी श्रीनगर पुलिस ने उनकी गतिविधियों के बारे में जानकारी जुटाई। इसके बाद दोनों को राजगढ़, चूरू में ट्रेस किया गया। श्रीनगर पुलिस ने राजस्थान पुलिस के सहयोग से संयुक्त कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया।
अधिकारियों के मुताबिक, दोनों अब पुलिस की हिरासत में हैं। उनके श्रीनगर वापस पहुंचने के बाद फरारी के दौरान उनकी गतिविधियों और जेल से भागने की पूरी परिस्थितियों की भी जांच की जाएगी।
दोनों पर POCSO एक्ट के तहत मामले दर्ज
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी अलग-अलग मामलों में जेल में बंद थे।
फरमान खान, पुत्र अब्दुल गनी खान, राजस्थान के सदनपोरा रगिस्तान का निवासी है। उसके खिलाफ FIR नंबर 19/2026 थाना लार में दर्ज है। उस पर BNS की धारा 137(2) और 87 तथा POCSO एक्ट की धाराओं 3/4 के तहत मामला दर्ज है।
वहीं मुख्तार अहमद गुर्जर, पुत्र मोहम्मद रफीक गुर्जर, अनंतनाग के सांगलन चित्तरगुल का रहने वाला है। उसके खिलाफ FIR नंबर 20/2026 थाना सौरा में दर्ज है। उस पर BNS की धारा 137(2) और 65(1) तथा POCSO एक्ट की धाराओं 3/4 के तहत मामला दर्ज है।
जेल से फरारी की जांच भी जारी
दोनों के पकड़े जाने के बाद अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि हाई-सिक्योरिटी जेल से फरार होने के बाद उन्होंने किस रास्ते का इस्तेमाल किया और राजस्थान तक कैसे पहुंचे। अधिकारियों ने कहा है कि जेल से भागने की परिस्थितियों की जांच जारी है।
पुलिस की कार्रवाई के बाद दोनों फरार कैदी अब दोबारा हिरासत में हैं और उन्हें आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए श्रीनगर लाया जा रहा है।
