नेपाल में भीषण बाढ़ से तबाही, 100 से ज्यादा भारतीय लापता; PM मोदी ने बालेन शाह से बात कर मदद का भरोसा दिया

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नेपाल के रसुवा में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ और PM मोदी का नेपाल को मदद का भरोसा

नई दिल्ली: नेपाल में तिब्बत सीमा के पास अचानक आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी है। रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद बड़ी संख्या में लोग लापता हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, प्रभावित क्षेत्र में 384 यात्री लापता बताए गए हैं, जिनमें 291 विदेशी और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। विदेशी लापता लोगों में 105 भारतीय नागरिक और 37 एनआरआई भी हैं।

इस प्राकृतिक आपदा के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह (बालेन शाह) से फोन पर बातचीत की। पीएम मोदी ने नेपाल में हुई जनहानि पर शोक जताते हुए भारत की ओर से हर संभव मानवीय, राहत और बचाव सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। सरकारी सूत्रों के मुताबिक, भारत स्थिति पर करीबी नजर रख रहा है और जरूरत के अनुसार राहत सामग्री तथा अन्य सहायता भेजने की तैयारी कर रहा है।

भोटेकोशी नदी में अचानक आया सैलाब

बाढ़ का सबसे ज्यादा असर नेपाल के उत्तरी रसुवा जिले में देखने को मिला है। अधिकारियों के अनुसार, बुधवार सुबह करीब 9 बजे तिब्बत की ओर से आने वाले पानी के कारण भोटेकोशी नदी में अचानक तेज उफान आया। बाढ़ का पानी रसुवा के साथ आसपास के इलाकों तक पहुंच गया।

सैलाब की चपेट में आने से कई घर, सड़कें, पुल और वाहन क्षतिग्रस्त हुए हैं। कई जलविद्युत परियोजनाओं और दूसरी महत्वपूर्ण आधारभूत संरचनाओं को भी नुकसान पहुंचा है।

105 भारतीय समेत 384 यात्री लापता

नेपाल पर्यटन बोर्ड की प्रारंभिक सूची के मुताबिक, बाढ़ प्रभावित इलाकों में 384 यात्रियों के लापता होने की जानकारी मिली है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक हैं।

लापता विदेशी नागरिकों में 105 भारतीय और 37 एनआरआई शामिल हैं। इसके अलावा अमेरिका, मलेशिया, ब्रिटेन, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रेलिया और नीदरलैंड के नागरिक भी लापता बताए गए हैं। पर्यटन बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि यह शुरुआती सूची है और अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों, गाइडों, सुरक्षा अधिकारियों तथा स्थानीय प्रशासन के जरिए लोगों की स्थिति की पुष्टि की जा रही है।

मौतों और लापता लोगों के आंकड़े लगातार अपडेट हो रहे

आपदा के बाद मृतकों की संख्या को लेकर अलग-अलग समय पर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं। शुरुआती रिपोर्टों में कम से कम 8 लोगों की मौत की पुष्टि बताई गई थी, जबकि बाद की रिपोर्टों में मृतकों की संख्या 9 तक पहुंचने की जानकारी सामने आई। ऐसे में राहत और बचाव अभियान के बीच आंकड़े बदल सकते हैं।

इसके अलावा रसुवा में बड़ी संख्या में नेपाल पुलिस और सशस्त्र पुलिस बल के जवान भी लापता बताए गए हैं। नेपाल सेना ने प्रभावित क्षेत्रों में हेलीकॉप्टर और आपदा राहत कर्मियों को तैनात किया है।

भारत की मदद पर PM मोदी ने दिया भरोसा

प्रधानमंत्री मोदी ने बालेन शाह से बातचीत के दौरान नेपाल के साथ भारत की एकजुटता जताई और हर संभव मानवीय सहायता का आश्वासन दिया। भारत सरकार नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों को सहायता उपलब्ध कराने के लिए भी स्थिति पर नजर रख रही है।

भारतीय दूतावास ने भी प्रभावित भारतीय नागरिकों और उनके परिवारों की सहायता के लिए आपात संपर्क व्यवस्था सक्रिय की है। दूसरी ओर नेपाल में राहत और बचाव एजेंसियां लापता लोगों की तलाश में जुटी हैं।

चीन सीमा के पास भी भारी नुकसान

बाढ़ का असर नेपाल-तिब्बत सीमा से लगे इलाकों में हुआ है। रसुवागढ़ी-तिमुरे और स्याफ्रुबेसी जैसे क्षेत्र बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। भोटेकोशी नदी के किनारे स्थित बस्तियों, सड़कों और बुनियादी ढांचे को काफी नुकसान पहुंचने की खबर है। चीन की ओर भी सीमा क्षेत्र में बाढ़ और भूस्खलन से नुकसान की सूचना सामने आई है।

फिलहाल सबसे बड़ी चुनौती लापता लोगों का पता लगाना और प्रभावित इलाकों तक राहत पहुंचाना है। पहाड़ी क्षेत्र में सड़क और पुल क्षतिग्रस्त होने के कारण बचाव अभियान भी मुश्किल बना हुआ है।

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