आगरा में महंगी चांदी ने फीकी की राखी की चमक, 500 वाली राखी अब 3,500 रुपये तक; सोने की राखी भी बजट से बाहर

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आगरा के बाजार में महंगी चांदी और सोने से सजी राखियां

आगरा: रक्षाबंधन से पहले आगरा के बाजारों में राखियों की खरीदारी पर महंगे सोने-चांदी का असर साफ दिखाई दे रहा है। खासतौर पर चांदी की राखियों की कीमत में भारी बढ़ोतरी ने खरीदारों का बजट बिगाड़ दिया है। पिछले साल करीब 500 से 1,000 रुपये में मिलने वाली कुछ चांदी की राखियां इस बार 2,500 से 3,500 रुपये तक पहुंच गई हैं। रक्षाबंधन 28 अगस्त को मनाया जाएगा।

चांदी महंगी तो राखी की कीमत भी बढ़ी

आगरा के सराफा बाजार में चांदी के भाव में तेजी का सीधा असर राखियों की कीमत पर पड़ा है। चौबेजी फाटक के सराफा कारोबारी तरुण अग्रवाल के मुताबिक, चांदी करीब 2.45 लाख रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंचने के कारण चांदी से बनी राखियां महंगी हो गई हैं। ऐसे में 10 ग्राम की राखी की कीमत भी काफी बढ़ गई है और ग्राहक खरीदारी में कीमत को लेकर सतर्क नजर आ रहे हैं।

हालांकि, उपलब्ध बाजार आंकड़ों में आगरा में चांदी के भाव में दिन-प्रतिदिन उतार-चढ़ाव दर्ज किया गया है। एक अन्य बाजार रेट स्रोत के अनुसार अगस्त में आगरा में चांदी 2.35 लाख रुपये प्रति किलोग्राम से बढ़कर 2.60 लाख रुपये तक भी पहुंची है। इसलिए स्थानीय सराफा बाजार में बताए गए भाव को उसी दिन के कारोबारी रेट के संदर्भ में समझना उचित होगा।

सोने की राखी खरीदना भी आसान नहीं

चांदी के साथ सोने की राखियों की कीमत भी आम खरीदारों के लिए काफी ज्यादा हो गई है। कारोबारियों के मुताबिक, बुधवार को सोने का भाव करीब 1.53 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम रहा। इस हिसाब से केवल एक ग्राम सोने की कीमत ही करीब 15 हजार रुपये से अधिक बैठती है। डिजाइन और मेकिंग चार्ज जुड़ने पर सोने की राखी की अंतिम कीमत और बढ़ सकती है।

श्री सराफा कमेटी के महामंत्री देवेंद्र गोयल के मुताबिक, सोने और चांदी के महंगे होने से इनसे बनी राखियों के खरीदारों की संख्या प्रभावित हुई है।

बाजारों में बारिश का भी असर

आगरा के जौहरी बाजार, चौबेजी फाटक, किनारी बाजार, लोहामंडी और शाहगंज जैसे प्रमुख बाजारों में रक्षाबंधन से पहले राखियों की खरीदारी होनी शुरू हो गई है। हालांकि, लगातार बारिश ने भी बाजार की गतिविधियों को प्रभावित किया है। खरीदारों की आवाजाही कम होने से कारोबारियों को बिक्री को लेकर चिंता बनी हुई है।

वहीं, शहर के बाजारों में पारंपरिक राखियों के अलावा डिजाइनर, मीनाकारी, कुंदन और अन्य आकर्षक राखियों की भी मांग है। आगरा में प्राकृतिक रत्नों से तैयार की गई राखियां भी इस बार लोगों का ध्यान खींच रही हैं।

महंगी धातुओं के बीच सस्ती राखियों पर जोर

चांदी और सोने की राखियों की बढ़ी कीमतों के बीच कई खरीदार सामान्य धागे, डिजाइनर और अन्य कम कीमत वाली राखियों की ओर रुख कर रहे हैं। इससे कारोबारियों को उम्मीद है कि महंगी धातुओं की राखियों की बिक्री भले प्रभावित हो, लेकिन सामान्य राखियों की खरीदारी से रक्षाबंधन का बाजार पूरी तरह ठंडा नहीं पड़ेगा।

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