आगरा: फायरिंग केस में रिश्वत मांगने का आरोप, दरोगा का ऑडियो वायरल; निलंबित कर जांच के आदेश

indianloveindia
5 Min Read
फतेहाबाद में फायरिंग केस को लेकर दरोगा का कथित ऑडियो वायरल होने के बाद जांच शुरू

आगरा: फतेहाबाद क्षेत्र में फायरिंग के एक मामले को लेकर पुलिस के दरोगा का कथित ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया। वायरल ऑडियो में एक पुलिसकर्मी और एक व्यक्ति के बीच बातचीत सुनाई दे रही है, जिसमें कथित तौर पर मुकदमे की कार्रवाई और मदद के बदले रुपये की मांग की जा रही है। मामला सामने आने के बाद आरोपी दरोगा धीरेंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया है। एसीपी फतेहाबाद को मामले की जांच सौंपी गई है।

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, वायरल ऑडियो में लगाए गए आरोपों की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ऑडियो की स्वतंत्र फॉरेंसिक पुष्टि और उसमें आवाज किसकी है, यह जांच का विषय है।

वायरल ऑडियो में क्या बातचीत हुई?

वायरल ऑडियो में कथित तौर पर दरोगा और फायरिंग की घटना से जुड़े एक व्यक्ति के बीच बातचीत हो रही है। बातचीत में दरोगा सामने वाले व्यक्ति से कुछ लोगों के बारे में जानकारी जुटाने और उन्हें “सेट” करने की बात करता सुनाई देता है।

इसके बाद रुपये को लेकर बातचीत होती है। कथित ऑडियो में दरोगा की आवाज में “30 करवा दो…” और फिर पूछे जाने पर “30-30” कहे जाने की बात सामने आती है। सामने वाला व्यक्ति पूछता है कि रकम अकेले के लिए है या सभी के लिए। इस पर कथित तौर पर दरोगा जवाब देता है, “सबका ठेका थोड़ी ले रखा है। तुम्हारा बता दिया।”

आगे बातचीत में फायरिंग मामले में मुकदमा दर्ज किए जाने की बात भी होती है। सामने वाला व्यक्ति सवाल करता है कि गोली उनके पक्ष के व्यक्ति को लगी है तो उनके खिलाफ मुकदमा क्यों लिखा जा रहा है। इसके जवाब में कथित तौर पर दरोगा कहता है कि मौके पर मौजूद लोग दोनों तरफ से गोलियां चलने की बात कह रहे हैं।

ऑडियो सामने आने के बाद दरोगा पर कार्रवाई

सोशल मीडिया पर ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस अधिकारियों ने मामले को गंभीरता से लिया। प्रारंभिक जांच के बाद दरोगा धीरेंद्र यादव को निलंबित कर दिया गया है। एसीपी फतेहाबाद को विस्तृत जांच की जिम्मेदारी दी गई है।

डीसीपी पूर्वी जोन अभिषेक अग्रवाल के मुताबिक, वायरल ऑडियो में फायरिंग के मामले में दरोगा पर आरोप लगाए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

यह स्पष्ट करना जरूरी है कि वायरल ऑडियो में बातचीत के आधार पर लगाए गए आरोप अभी जांच के दायरे में हैं। रिश्वत की मांग या किसी अन्य अनियमितता का अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

क्या है फायरिंग का पूरा मामला?

मामला 14 अगस्त का बताया जा रहा है। गांव कुतुकपुर गोला के पास पुरानी रंजिश को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद के बाद फायरिंग हुई थी। घटना में धौलपुर के राजाखेड़ा क्षेत्र के गांव डेरावली निवासी जितेंद्र गोली लगने से घायल हो गया था।

घायल पक्ष की ओर से मामले में 10 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। वायरल ऑडियो में जिस व्यक्ति की आवाज होने का दावा किया जा रहा है, उसे घायल पक्ष का परिचित योगेंद्र बताया गया है। बताया गया है कि घटना के समय वह भी मौके पर मौजूद था।

पीड़ित पक्ष के खिलाफ भी कार्रवाई की बात

वायरल बातचीत में कथित तौर पर दरोगा पीड़ित पक्ष के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किए जाने की बात करता सुनाई देता है। इसी बातचीत के दौरान रुपये की मांग किए जाने का आरोप सामने आया है।

अब जांच अधिकारियों के सामने सबसे अहम सवाल यही है कि वायरल ऑडियो में सुनाई दे रही आवाज वास्तव में दरोगा धीरेंद्र यादव की है या नहीं और बातचीत किस संदर्भ में हुई थी। इसके साथ ही कथित रुपये की मांग और फायरिंग मामले में पुलिस कार्रवाई के बीच किसी संबंध की भी जांच की जाएगी।

फिलहाल दरोगा के निलंबन के बाद विभागीय जांच शुरू हो गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर यह तय होगा कि मामले में आगे कौन-सी कार्रवाई की जाएगी।

Share This Article